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Saturday, 29 July 2017

....तो महिला रेल यात्रियों की हिफाजत के लिए ये हैँ खास इंतजाम

राज्यसभा में रेल राज्य मंत्री राजेन गोहिन ने एक लिखित प्रश्न के उत्तर में जानकारी देते हुए बताया कि रेलगाडिय़ों में यात्रियों सहित महिला यात्रियों की हिफाजत और सुरक्षा के लिए भारतीय रेलवे द्वारा कई कदम उठाए गए हैं। इनमें से प्रमुख हैं-असुरक्षित और चिन्हित मार्गों/खंडों पर 2500 रेलगाडिय़ों  (औसतन) को प्रतिदिन रेलवे संरक्षण बल द्वारा मार्ग में सुरक्षा प्रदान की जाती है। इसके अलावा विभिन्न राज्यों में प्रतिदिन 2200 ट्रेनों को जीआरपी द्वारा मार्ग में सुरक्षा दी जाती है। उन्होने बताया कि
मुसीबत में फंसे यात्रियों की सहायता के लिए भारतीय रेलवे में  सुरक्षा हेल्पलाइन नम्बर 182 शुरू किया गया है।
रेल राज्य मंत्री ने बताया कि रेलगाडिय़ों को सुरक्षा प्रदान करने वाले दस्तों को मार्ग और स्टेशनों पर गाड़ी रूकने के समय महिलाओं के डिब्बों में अतिरिक्त चौकसी बरतने को कहा गया है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए आरक्षित डिब्बों में पुरूषों का प्रवेश रोकने के लिए नियमित रूप से अभियान चलाए जाते हैं और यदि कोई पुरूष ऐसा करता पाया जाता है, तो रेलवे कानून के प्रावधानों के अंतर्गत उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
अपने उत्तर में उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारतीय  रेलवे के लगभग 344 स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाती है।
श्री गोहेन ने बताया कि महानगरों में चलाई जाने वाली महिला स्पेशल रेलगाडिय़ों को महिला आरपीएफ कांस्टेबलों द्वारा मार्ग में सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती है।महानगरों में चलाई जाने वाली उपनगरीय रेलगाडिय़ों को आरपीएफ और जीआरपी द्वारा मार्ग में सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती है। ऐसी रेलगाडियों में महिला यात्रियों की उचित सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए देर रात और सुबह-सवेरे सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाती है। आरपीएफ, जीआरपी द्वारा अपराध का उचित पंजीकरण और जांच-पड़ताल सुनिश्चित करने के लिए राज्य पुलिस के साथ सभी स्तरों पर नियमित रूप से समन्वय बैठकें करता है।
      

ब्रिक्स देशों ने भारत में लागू जीएसटी सुधारों की प्रशंसा की

चीन में हाल में संपन्न ब्रिक्स देशों के राजस्व प्रमुखों की बैठक में भारत में लागू जीएसटी सुधारों की प्रशंसा की गई। 25 से 27 जुलाई, 2017 तक चीन के हंगजोऊ में ब्रिक्स देशों के राजस्व प्रमुखों और कर विशेषज्ञों की बैठक में ब्रिक्स देशों ने भारत में लागू जीएसटी की सराहना की। भारतीय शिष्टमंडल का नेतृत्व भारत के राजस्व सचिव डॉ. हसमुख अढिया ने किया। ब्रिक्स देशों के नेताओं और प्रतिनिधियों ने भारत में लागू जीएसटी सुधारों के बारे में जानकारी ली और इस बड़े सुधार के प्रयासों के लिए भारत की सराहना की। बैठक के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में भारतमें लागू जीएसटी सुधारों के बारे में मीडिया की ओर से भी सवाल किये गये और मीडिया को जीएसटी सुधार से होने वाले लाभ के बारे में बताया गया। बैठक में ब्रिक्स देशों के राजस्व प्रमुखों तथा कर विशेषज्ञों ने समकालीन अंतर्राष्ट्रीय टैक्स के विषयों पर चर्चा की। बैठक के बाद एक संयुक्त विज्ञप्ति जारी की गई। सहयोग के क्षेत्रों की पहचान करते हुए टैक्स मामलों के बारे में सहयोग को लेकर सहमति ज्ञापन पर राजस्व प्रमुखों ने हस्ताक्षर किये। सहयोग के चिन्हित क्षेत्रों में अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर समन्व्य, क्षमता सृजन, अनुभव साझा करना और नियमित संवाद शामिल है।

डिजिटल इंडिया अभियान विश्व को चौंकाएगा

2020 तक देश में होंगे 60 करोड़ ब्रांडबैंड कनेक्शन

डिजिटल इंडिया का भविष्य बहुत ही सुनहरा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इस योजना को दिनोंदिन पंख लग रहे हैं और इन पंखों की उड़ान सही दिशा में रही तो फिर से भारत सोने की चिडिय़ा बन जाएगा। डिजिटल इंडिया के सुनहरे दिनों के आगमन के बारे में संकेत देते हुए संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा है कि भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) द्वारा प्रदान की गई सूचना के अनुसार 31 मार्च 2017 तक देश में 422.19 मिलियन ब्रॉडबैंड ग्राहक थे और इंटरनेट की पैठ (इंटरनेट ग्राहक प्रति 100 आबादी) 32.86 प्रतिशत थी। राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय दूरसंचार नीति 2012 में वर्ष 2020 तक ब्रॉडबैंड कनेक्शनों की संख्या 60 करोड़ तक पहुंचाने के बारे में विचार किया गया है।
     उन्होंने बताया कि सरकार ने देश के सभी ग्राम पंचायतों को 100एमबीपीएस ब्रॉडबैंड कनेक्टीविटी प्रदान करने के लिए भारत नेट परियोजना तैयार की है। परियोजना के पहले चरण में भूमिगत ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाकर एक लाख ग्राम पंचायतों को जोड़ा जाएगा। इस परियोजना का कार्यान्वयन किया जा रहा है। दूसरे चरण के अंतर्गत शेष 1.5 लाख ग्राम पंचायतों में भूमिगत फाइबर, बिजली की तारों के ऊपर फाइबर, रेडियो और सेटलाइट मीडिया का इस्तेमाल करते हुए  कनेक्टीविटी प्रदान की जाएगी। दूसरे चरण का कार्य मार्च 2019 तक पूरा होगा।

जॉब न्यूज: बैंक अभ्यथियों के सामने नई टेंशन

एसएससी की परीक्षाओं के बाद युवाओं की पसंद बैंकों की जॉब होती है। आज का युवा एसएससी के साथ बैंक पीओ और बैँक क्लर्क की परीक्षा की तैयारी करता है। देश में आजकल बैंकों के कॉन्सालिडेटेड का मामला बहुत तेजी से उछल रहा है। केन्द्र सरकार देश में एसबीाआई जैसी केवल सात बैंकें ही चलाना चाहती है। क्षेत्रीय और छोटी बैंकों को इन सभी सातों बैंकों में मर्ज किया जा रहा है। अभी हाल ही में सुनने में आया था कि नौ बैंकों का अन्य बड़ी बैंकों में मर्ज किया जा रहा है। इन बैंकों के नाम हैं सेन्ट्रल बैँक आफ इंडिया, आईडीबीआई, देना बैंक, यूको बैंक, बैँक आफ महाराष्ट्र आदि-आदि। इन बैँकों के मर्जर से आम ग्राहकों की सेहत पर कोई फर्क नहीं पडऩे वाला लेकिन इन बैँकों में नौकरी चाहने वाले युवाओं के भविष्य पर अवश्य ही फर्क पडऩे वाला है। निजी और छोटी बैँकों में नौकरी दिलाने वाला बोर्ड कमजोर होगा और उसकी शक्तियां घटने से जॉब मिलने में भी परेशानी होगी। जॉब संख्या भी प्रभावित होगी। इसका सीधा मतलब यह हुआ कि अब केवल उन्हीं युवाओं को बैंकों की नौकरी मिल सकेगी जो एसबीाआई लेबल की तैयारी कर पाएंगे। 

Friday, 28 July 2017

सरकार ने गिनाईं वस्तु एवं सेवाकर की विशेषताएं

     लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री ने दी लिखित जानकारी

      लोकसभा में वित्त राज्यमंत्री संतोष कुमार गंगवार ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में जानकारी देते हुए जीएसटी के लाभ बताए। उन्होने कहा कि जीएसटी के बारे में देश में अनेक तरह की अफवाहें फैलीं हुईं हैं। लोगों को इन अफवाहों से सावधान रहना चाहिए। सरकार ने हर तरह की अफवाहों पर अपना स्पष्ष्टीकरण दिया है उस पर ध्यान दें।  श्री गंगवार ने कहा कि वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी)  का उद्देश्य व्यापारिक लेनदेन में पारदर्शिता लाना और जवाबदेही तय करना है। इसके अलावा जीएसटी से व्यापार करने में आसानी होगी तथा टैक्स की दरें तर्कसंगत होंगी, जिससे देश की वित्तीय स्थिति को सही दिशा मिलेगी।
      जीएसटी का सबसे पहला लाभ यह है कि इससे राज्यों के बीच होने वाले लेनदेन की बाधाएं दूर हो जाएंगी तथा एक साझा बाजार की रचना होगी। देश में ‘एक राष्ट्र, एक कर और एक बाजार’ की अवधारणा आगे बढ़ेगी। राज्यों के बीच आपूर्ति के संबंध में केवल एकीकृत कर प्रणाली काम करेगी, जबकि राज्यों के भीतर होने वाली आपूर्ति के संबंध में केन्द्रीय कर और राज्यकर लागू होंगे। इस तरह पिछली प्रणाली के स्थान पर अब केन्द्र और राज्यों में आसान तथा कारगर कर प्रणाली काम करेगी।
      कराधान ढांचे को आसान बनाकर जीएसटी व्यापार और विकास को प्रोत्साहन देगा, क्योंकि असंख्य कर समाप्त हो जायेंगे। जीएसटी कानूनों को इस तरह बनाया गया है कि विभिन्न प्रकार के टैक्सों के स्थान पर केवल एक ही टैक्स लागू हो। जीएसटी के अन्तर्गत निम्नलिखित टैक्स समाविष्ट कर दिए गए हैं:-
(अ) केन्द्र संबंधी कर:
केन्द्रीय उत्पाद शुल्क
उत्पाद शुल्क (औषधि और शौचालय निर्माण)
अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (विशेष महत्व के सामान)
अतिरिक्त शुल्क (कपड़ा और कपड़ा उत्पाद)
अतिरिक्त सीमा शुल्क (आमतौर पर जिसे सीवीडी के नाम से जाना जाता है)
विशेष अतिरिक्त सीमा शुल्क (एसएडी)
सेवाकर
केन्द्रीय सरकार और उपकर, सामान या सेवा आपूर्ति के संबंध में।
(ब)  राज्य संबंधी कर:
राज्य वैट
केन्द्रीय बिक्री कर
विलासिता कर
चुंगी और प्रवेश कर (सभी प्रकार के)
मनोरंजन एवं मनोविनोद कर (स्थानीय निकायों द्वारा लागू होने के अतिरिक्त)
विज्ञापनों पर कर
खरीद कर
लॉटरी और जुए पर कर
राज्य सरकार और उपकर, सामान या सेवा आपूर्ति के संबंध में।
      जीएसटी से उत्पादकता में सुधार होगा और व्यापार करने में आसानी होगी, क्योंकि इसके तहत पूरा राष्ट्र एकल बाजार में तब्दील हो जाएगा। राज्यों के बीच होने वाले व्यापार की बाधाएं दूर हो जाएंगी। इसके अलावा कराधान का दुष्प्रभाव कम होगा और कर का दायरा बढ़ जाएगा, जिससे देश को बहुत फायदा मिलेगा।

नीट का कोटा लागू करने के लिए निजी मेडिकल कॉलेजों पर कसेगा शिकंजा

नीट के तहत एमबीबीएस में छात्रों को 15 प्रतिशत का कोटा निजी मेडिकल कालेजों में दिलाने के लिए एमसीआई ने सरकार के साथ मिलकर कमर कस ली है। इस उद्देश्य से नीट लागू करने के लिए आईएमसी संशोधन अधिनियम ,2016 के साथ भारतीय चिकित्सा परिषद(एमसीआई) ने केंद्र सरकार की पूर्वानुमति से स्नातक मेडिकल शिक्षा नियमन,1997 तथा स्नातकोत्तर मेडिकल शिक्षा नियमन, 2000 में संशोधन किया है ताकि कॉमन काउंस्लिंग का प्रवाधान किया जा सके। मेडिकल पाठ्यक्रमों में नीट तथा कॉमन काउंस्लिंग के माध्यम से प्रवेश मिलेगा । काउंस्लिंग के बाद प्रवेश नामांकन के ब्यौरे एमसीआई को भेजे जाते हैं।
 सरकारी मेडिकल कॉलेजों के मामले में संबंधित राज्य सरकार फीस निर्धारित करने के लिए उत्तरदायी है और निजी मेडिकल कॉलेजों  के मामले में फीस का ढांचा उच्चतम न्यायालय के निर्देश के अनुसार राज्य सरकार दवारा  सेवा निवृत्त हाई कोर्ट जज की अध्यक्षता में बनाई गई समिति द्वारा निर्धारित किया जाता है।  यह निर्णय समिति को लेना है कि क्या संस्थान द्वारा प्रस्तावित फीस न्यायोचित है और क्या समिति द्वारा निर्धारित फीस ढांचा संस्थान के लिए बाध्यकारी है।
उच्चम न्यायालय ने 09.05.2017 को अपने आदेश में निर्देश दिया था कि कॉमन काउंस्लिंग के अनुसार एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त करने वाले विद्यार्थी संस्थानों/कॉलेजों/विश्विद्यालयों को देय फीस के लिए काउंस्लिंग  समिति को डिमान्ड ड्राफ्ट जमा कराएंगे। काउंस्लिंग के बाद प्रवेश नामांक के ब्यौरे एमसीआई को भेजे जाते हैं। एमसीआई ब्यौरों की जांच करती है और किसी मेडिकल कॉलेज में नियमों का उल्लंघन करके प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों को डिस्चार्ज नोटिस जारी करती है। विद्यार्थियों को अवगत कराने के लिए एमसीआई ने अपनी वेबसाइट पर मेडिकल कॉलेजों में चलाए जा रहे पाठ्यक्रमों की स्वीकृति की जानकारी दी है। एमसीआई की वेबसाइट पर विद्यार्थियों के लिए एडवाइजरी भी दी गई है। यह जानकारी आज लोक सभा में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने एक लिखित उत्तर में दी। 

Thursday, 27 July 2017

Alert:Taxman come through social media to your door

Photo of New shiny car or holiday cottage in social media will be burden

According the artcle of ET Government now working through social media.
A photo of your shiny new car on Instagram or the Facebook post about your chic holiday cottage may lead India’s taxman to your door.
Starting next month, Prime Minister Narendra Modi’s government will begin amassing a warehouse of virtual information collected not just from traditional sources like banks but also from social media sites, as it looks to match residents’ spending patterns with income declarations, said people familiar with the matter. Officials will be able to spot those who pay too little tax without raiding offices and homes as they currently do, the people said, asking not to be identified citing rules on speaking with the media.
Built over seven years at a cost of about 10 billion rupees ($156 million), ‘Project Insight’ will complement the world’s largest biometric identity database and India’s most ambitious tax overhaul as policy makers try to get more people to pay up. While the economy is among the fastest-growing in the world, revenues aren’t keeping pace, bloating Modi’s budget deficit and triggering anxiety about over-zealous tax sleuths.
"Data analytics is the way forward for tax administrations across the world," said Amit Maheshwari, managing partner at accountancy firm Ashok Maheshwary and Associates near New Delhi. "This will also put an end to harassment by tax officials as there will be no public interface. Perceived randomness in scrutiny will come to an end."
Countries including Belgium, Canada and Australia are already using big data to unearth tax evasion that may have gone undetected without technology. India’s efforts resemble the U.K.’s ‘Connect,’ which is estimated to have cost some 100 million pounds. Since its inception in 2010, it has prevented the loss of 4.1 billion pounds ($5.4 billion) in revenue and the number of criminal prosecutions has risen to 1,165 from 165 a year, the London-based Institute of Financial Accountants said in a December 2016 report. 

‘India’s daughters have made the nation proud’

PM interacts with Indian Women’s Cricket Team

The Prime Minister Narendra Modi interacted with the players and officials of the Indian Women’s Cricket Team that recently participated in the Women’s Cricket World Cup.
The players said that this was the first time that they had seen a Prime Minister tweet for the Women’s Cricket Team. They said that that they felt proud, happy and inspired to know that the Prime Minister was following their progress.
Responding to questions asked by the players on handling pressure, the Prime Minister said that Yoga helps achieve a good balance between mind, body and action. He also said that practice of Yoga helps develop detachment. Telling the players that they had not “lost”, the Prime Minister said that 125 crore Indians carried their defeat in the final, on their shoulders, and this was, in fact, their greatest victory.
Noting that India’s daughters have made the nation proud in many international sporting events, the Prime Minister said that the society is benefiting from the progress that women are making in various fields. Besides sports, he mentioned the school results of Class 10 and 12; and women space scientists who have played a key role in prestigious ISRO missions. The players presented a signed cricket bat to the Prime Minister. 

Weather Warning : Strong wind and heavy rainfall

North-East and West India will be effected

India Meteorological Department has issued severe weather warning for 27th  to 31st  July, 2017 as below:
27 JULY:? Heavy to very heavy rainfall with extremely heavy falls very likely at isolated places over Madhya Pradesh; heavy to very heavy at isolated places over East Rajasthan, Chhattisgarh, Gujarat and heavy at isolated places over East Uttar Pradesh, Vidarbha, Jharkhand, Andaman & Nicobar Islands, Assam & Meghalaya, Nagaland, Manipur, Mizoram & Tripura, Madhya Maharashtra and Konkan & Goa.
 Strong winds with speed 30­40 kmph gusting to 50 kmph very likely over Madhya Pradesh, North Chhattisgarh and southern parts of Uttar Pradesh.
28 JULY:.? Heavy to very heavy rainfall with extremely heavy falls very likely at isolated places over East Rajasthan; heavy to very heavy at isolated places over West Madhya Pradesh and Gujarat region; heavy at isolated places over Himachal Pradesh, West Rajasthan, East Madhya Pradesh, Saurashtra & Kutch, Madhya Maharashtra and Konkan & Goa.
29 July :? Heavy to very heavy rainfall very likely at isolated places over Rajasthan; heavy rain at isolated places over Jammu & Kashmir, Himachal Pradesh, Uttarakhand, Punjab, Haryana, Chandigarh & Delhi, West Uttar Pradesh and Gujarat region.
30 July : ? Heavy rain very likely at isolated places over Jammu & Kashmir,Himachal Pradesh, Uttarakhand, Punjab, Haryana, Chandigarh & Delhi, West Uttar Pradesh, East Rajasthan, Assam & Meghalaya,Nagaland, Manipur, Mizoram & Tripura.
31 July  :? Heavy rain very likely at isolated places over Uttarakhand, West Uttar  Uttar Pradesh, Sub­Himalayan West Bengal & Sikkim, Assam & Meghalaya and Nagaland, Manipur, Mizoram & Tripura.

Wi-Fi Facility on Flights in Indian territory

The Ministry of Civil Aviation proposes to allow the use of Wi-Fi in commercial aircrafts operating over Indian territory. The proposal for providing on-board Wi-Fi services involves amendments of provisions of Indian Telegraph Act, 1885 and Indian Telegraph Rules made there under. The Department of Telecom (DoT) has already moved a proposal for providing in-flight connectivity for voice, data and video services for consideration of the Committee of Secretaries.
As of now, Wi-Fi in-flight Entertainment System (Transmitting - Portal Electronic Device) is an independent system and is not connected to aircraft control systems, making it safe for aircraft operations.
This information was given by Minister of State for Civil Aviation  Jayant Sinha in a written reply to a question in the Lok Sabha.