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Thursday, 16 February 2017

कृषि क्षेत्र की प्रगति दर 4.1 प्रतिशत रहने का अनुमान

 रबी की बुवाई 6.86 प्रतिशत ज्यादा हुई है: कृषि मंत्री

केंद्रीय कृषि एंव किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा है कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने मुश्किल चुनौतियों के बावजूद 87 साल के अपने अब तक के कार्यकाल में अनेक सफलताएं हासिल की है जिन्हें कृषि की प्रगति में मील का पत्थर कहा जा सकता है। खेती बाड़ी में उत्पादकता और आय में वृद्धि, संस्थान निर्माण, मानव संसाधन, नई तकनीकों का विकास, कृषि विविधिकरण जैसे क्षेत्रों में आईसीएआर ने सफलता के नये प्रतिमान स्थापित किए हैं। श्री सिंह ने यह बात आज नई दिल्ली में आयोजित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद सोसायटी की 88 वीं वार्षिक आम बैठक में कही। इस अवसर पर सोसायटी के गणमान्य सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
श्री सिंह ने कहा कि कृषि की बेहतरी और किसानों की खुशहाली के लिए सरकार ने बजट में कई पहल की हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस बजट में वर्ष 2017-18 के लिए ग्रामीण, कृषि और सम्बद्ध सेक्टर के लिए 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी करते हुए इसे रूपये 1,87, 223 करोड़ किया गया है। आगामी वित्तीय वर्ष में कृषि क्षेत्र की प्रगति दर 4.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
श्री सिंह ने कहा कि इस बार रबी में  पिछले साल 2015-16 की तुलना में गेहूं में 7.71 प्रतिशत, दलहन में 12.96 प्रतिशत और तिलहन में 10.65 प्रतिशत ज्यादा बुवाई हुई है जो कि सभी फसलों को मिलाकर पिछले वर्ष की तुलना में 6.86 प्रतिशत ज्यादा बुवाई है।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि अंतराष्ट्रीय दलहन वर्ष 2016 में देशभर में दलहन के 150 बीज हब स्थापित किए गए हैं। सबसे पहले परिपक्व होने वाली मूंग की किस्म ‘आईपीएम 205-7 (विराट)’ को खेती के लिए जारी किया गया। कृषि क्षेत्र में अनुसंधान को प्रोत्साहन देने के प्रयासों में पिछले ढाई वर्ष में उल्लेखनीय प्रगति  हुई है। वर्ष 2012 से मई 2014 तक जहां विभिन्न फसलों की कुल 261 नई किस्में  जारी की गई थीं वहीं लगभग इतनी ही अवधि, जून, 2014 से दिसम्बर, 2016 में कुल 437 नई किस्में  जारी की गई हैं।

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