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Sunday, 6 September 2015

जे.पी. द्विवेदी की दो कविताएं

छलका दर्द 
कहीं मान मिला,अपमान मिला
सब  कुछ  सहते चले गए  ।
सम्मान की भूख बदस्तूर है ,
सिस्टम से  लड़ते चले गए ।

हर कोई रूठा , छूटा पीछे
भूखा  था जो  पैसों  का ।
जख्म का मरहम पाने को
हम  दूर  होते  चले गए ।

मन की ख्वाहिश दफन हुई
कर्ज का बोझ बढ़ा इतना ।
फजऱ् पड़े हैं जस के  तस ,
हम अपनो से ही छले गए ।

साँसो का हक किसको दूँ मैं ,
किसे बताऊँ किसका हूँ मैं ।
अपने ही बिछाये जालों मे
खुद ही फँसते चले गए ।

कौन  है अपना  कौन पराया
सब  पे  है  माया का साया ।
किस.किस दलदल की बात करूँ
पत्थर  मे  धंसते  चले  गए ।

श्याह  अंधेरा हर  कोने मे
कहाँ  दर्द है  अब  रोने मे ।
रीते  दिल  चाह है  रीति,
सब हँस कर देखो चले गए ।

अपनी समझ बताऊँ किसको ,
अपना दर्द सुनाऊँ  किसको।
मुझसे ज्यादा दुखी सभी हैं
यह  कहते सारे चले गए ।

शब्द हुए गुमनाम हैं जब से ए
नज़्म  बनी  बेनाम  हैं तबसे ।
जब से गमों मे गुमसुम हूँ मैं ए
गूंगे  भी  बककर  चले गए ।

दरकता समाज
सम्बोधन संबंधहीन सब
सार्थकता से दूर हो चले ।
गरिमामय जब रहा न कुछ भी
गर्वित पुंज कहाँ से लाऊँ ॥
संस्कार सब लुप्त हो रहे
नैतिकता का घोर अकाल।
अपने ही अपनों के दुश्मन
किसे अपनत्व का पाठ सिखाऊँ
कहाँ लुप्त है सहनशीलता
भरी कलह से हर दीवार ।
लुकाछिपी सा त्रासित जीवन
फिर भी नित्य निकेतन जाऊँ ।
संवादहीन चुपचाप अकिंचन
अवचेतन मन शून्य झाँकता ।
गहन अंधेरा मन मंदिर मे
कैसे ज्ञान की ज्योति जलाऊँ ॥
आतुरता को नहीं प्रतीक्षा
दरकिनार कर सबकी इच्छा ।
किस वजूद की यह मंत्रणा
नया कौन सा गीत सुनाऊँ ॥
देव पूज्य थी धरा हमारी
पढ़ते आए , सुनते आए ।
धूलदृधूसरित शिला पट्ट अब
नया कौन अभिलेख सजाऊँ ॥

भगवान श्रीकृष्ण का असली चरित्र क्या है?

योगिराज श्रीकृष्ण के चरित्र से खेलते माखनचोर और रासलीला रचैया बताने वाले


ओ3म। श्रीकृष्ण का नाम आते ही लोगों के जेहन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का खुशियों भरा पर्व आ जाता है,क्योंकि उस समय चहुंओर संकट और सबलों के अत्याचार से त्राहिमाम करते लोगों को किसी महान आत्मा की आवश्यकता थी और वह महान आत्मा के रूप में श्रीकृष्ण ने जन्म लिया। उस समय विश्व के एकमात्र पूर्ण ज्ञानी,विवेकी,तपस्वी,योगिराज,कर्मयोगी थे श्रीकृष्ण। महाभारत और उससे पूर्व के ग्रंथों में मर्यादापूर्ण पुरुषोत्तम के रूप में श्रीकृष्ण को जाना जाता था। उसके बाद भागवत सहित अन्य नौ ग्रंथों में श्रीकृष्ण के चरित्रहनन की बाल लीलाएं,रास लीलाएंं, चीरहरण आदि की कवियों की कपोल कल्पित कहानियों ने सम्पूर्ण इतिहास का ही नाश कर दिया।
युगपुरुष महायोगी श्रीकृष्ण को एक माखनचोर,व्यभिचारी,विश्वासघाती,अवसरवादी सहित अनेक लांछनों से कलंकित कर दिया। ये सारी बातें आज हल्के-फुल्के मनोरंजन के साधन एवं धर्म की आड़ में व्यवसाय करने वालों ने अल्पशिक्षित व अशिक्षितों के बीच ऐसी फैला दीं कि मानों यही सत्य धर्म है। इन सबकी विवेचनाएं करने के लिए हम आगे बढ़ते हैं।
कहते हैं कि बचपन में श्रीकृष्ण घर-घर जाकर माखन चुराया करते थे और गोपिकाओं को परेशान किया करते थे। नन्द शब्द किसी का नाम नहीं है बल्कि यह सम्मानित शब्द उस व्यक्ति के नाम के आगे लगाया जाता है जिसके पास एक लाख गायें हों। अब सवाल उठता है कि जिसके घर में एक लाख गायें हों और दूध-दही  व माखन की नदियां बह रहीं हों वो क्यों दूसरे के घर माखन चुराकर बाललीला करेंगा। क्या बाल लीला करने के लिए सिर्फ यही एक कार्य बचा था। आतताई कंस को मारने के लिए श्रीकृष्ण ने जिस तरह से तपस्या कर योग साधना की थी उसका जिक्र कहीं नहीं मिलता। कंस जैसा बलशाली और मल्लयुद्ध का बहुत बड़ा योद्धा था। यह तो सभी जानते हैं । मेरा मानना है कि उस समय कंस के मन भी यही होगा कि यह छोकरा मुझे क्या मार सकेगा। लेकिन उसे क्या मालूम कि योग साधना से श्रीकृष्ण ने बल के साथ मस्तिष्क का विकास कंस से अधिक कर लिया था और उसी बल से कंस का वध कर सके।सबसे पहले राधा का वर्णन आता है। महाभारत काल में किसी भी ऐसी राधा का जिक्र नहीं है । एक राधा अवश्य ही महाभारत में आई, वह कर्ण का पालन करने वाली अधिरथ की पत्नी थी।
यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत।
अभ्युथानं धर्मस्य तदात्मानंसृजाम्यहम।।
श्रीकृष्ण जी कहते हैं कि जब-जब धर्म का लोप होता है तब-तब मैं शरीर धारण करता हूं। इस परिप्रेक्ष्य में महर्षि दयानंद रचित सत्यार्थ प्रकाश के सप्तम समुल्लास में कहा गया है कि वेद विरुद्ध होने से यह प्रमाण नहीं है और ऐसा हो सकता है कि श्रीकृष्ण धर्मात्मा और धर्म की रक्षा करना चाहते थे कि मैं युग-युग में जन्म लेकर श्रेष्ठों की रक्षा और दुष्टों का नाश करूं, तो इसमें कुछ भी दोष नहीं है क्योंकि 'परोपकाराय सतां विभूतय: परोपकार के लिए सत्पुरुषों का तन-मन-धन होता है तथापि श्रीकृष्ण को इस बात को लेकर ईश्वर नहीं माना जा सकता। एक अन्य प्रश्न कि संसार में 24 अवतार हुए हैं और इनको अवतार क्यों माना जाता है। सत्यार्थ प्रकाश में स्पष्ट है कि वेदार्थ न जानने वाले संप्रदायी लोगों के बहकाने और अपने आप अविद्वान होने से भ्रमजाल में फंस के ऐसी ऐसी अप्रमाणिक बातें करते हैं और मानते हैं। इस पर एक प्रश्न यह कि ईश्वर अवतार न लेवे तो कंस-रावणादि दुष्टों का नाश कैसे हो? के जवाब मे सत्यार्थ प्रकाश में लिखा है कि जो ईश्वर अवतार या शरीर धारण किए बिना ही जगत की उत्पत्ति,स्थिति, प्रलय करता है। उसके सामने कंस और रावणादि कीट के समान भी नहीं हैं। वह सर्वव्यापक होने से कंस और रावणादि के शरीर में भी परिपूर्ण हो रहा है। जब चाहे उसी समय मर्मच्छेदन करके नाश कर सकता है। भला इस अनन्तगुण वाले परमात्मा को एक छुद्र जीव को मारने के लिए जन्ममरण युक्त शरीर को धारण करने की क्या आवश्यका। इसलिए ईश्वर इस सृष्टि में 'न भूतो न भविष्यति है।
खण्ड-खण्ड भारत को महाभारत बनाने को
महाभारत का युद्ध क्यों जरूरी था और श्री कृष्ण क्यों ऐसा चाहते थे। इस पर विचार करने के लिए एक वृत्तांत पर नजर डालते हैं। स्वामी समर्पणानंद सरस्वती द्वारा रचित श्रीमदभागवत गीता,समर्पण भाष्य में स्पष्ट लिखा है कि कंस वध के बाद प्रजा ने श्रीकृष्ण से आग्रह किया कि आपने हमें कंस के अत्याचारों से मुक्त कराया है। अत: आप ही इस राज्य को संभालों। इस पर श्रीकृष्ण ने उत्तर दिया कि राज्य तो नानाजी संभालेंगे और हम खोया हुआ राज्य वापस लेने के लिए जा रहे हैं। उस समय श्रीकृष्ण ने निश्चय किया कि आज महाभारत खण्ड-खण्ड है। महाभारत तो एक ओर भारत के सैकड़ों छोटे-छोटे राज्यों में बंट गया है। मैं खण्ड-खण्ड भारत को भारत और भारत को महाभारत फिर से बनाकर रहूंगा। धरत पर धर्म का एकछत्र राज्य होगा और राजा धार्मिक होगा और प्रजा भी धर्मात्मा होगी।
विवाह के तत्काल बाद ब्रह्मचर्य व्रत
महायोगी, योगिराज श्रीकृष्ण ने मथुरा से निकलकर उज्जयिनी में सांदीपनि ऋषि के आश्रम में पहले विद्या का राज्य प्राप्त किया और साथ ही चरित्र का राज्य प्राप्त किया। बह्मचर्य की समाप्ति पर वीरोचित मार्ग से रुक्मिणी से विवाह किया किन्तु उत्तम संतान की अभिलाषा से पति-पत्नी दोनों ब्रह्मचर्य का व्रत लिया। प्रात:काल ही हिमालय की ओर चल पड़े। जिस स्थान पर आज बदरीनाथ धाम है, वहां 12 वर्ष तक घोर ब्रह्मचर्य का पालन किया। बारहवें वर्ष केवल बेर खाकर जीवन बिताया। इसलिय कृष्ण बदरी नाथ और इस स्थान का नाम बदरीनाथ धाम पड़ा।
राधा कौन थी?
स्वामी समर्पणानंद सरस्वती द्वारा रचित श्रीमदभागवत गीता,समर्पण भाष्य में स्पष्ट लिखा है कि कंस भारत में गोहत्या का आदि प्रवर्तक था। ससुराल में नरबलि होती थी। जरासंध ने 100 राजाओं का सिर काट कर शिवजी पर चढ़ाने का संकल्प लिया था और 86 राजा इकट्ठा भी कर लिए थे। उसे क्या पता था कि क्षत्रिय शिरोमणि श्रीकृष्ण बड़ी आसानी से मरवा देंगे। कंस के मंत्री कहते है कि हे राजन देव यज्ञों के सहारे जीते हैं और यज्ञ गो-ब्राह्मण के सहारे। इसलिए सब उपायों से सत्यवादी ब्राह्मणों और गायों इन दोंनो को मारें। गो हत्या का सबसे अधिक प्रभाव निश्चित रूप से गोपालों पर पड़ा। इनमें से एक गोपाल रायणा बहुत ही बुद्धिमान था। उसने विद्रोह का बीज बोया था। राधा नाम की गुप्त मंडली बनी। जो प्रत्यक्ष में नाच-गाकर प्रभु आराधना करती थी परन्तु वास्तव में वह कंस के विरुद्ध विद्रोह की तैयारी करती थी। बालक श्रीकृष्ण भी इस मण्डली में आते जाते थे। रायणा बालक श्रीकृष्ण के मामा थे, वे मा यशोदा के रिश्ते में भाई होते थे। यद्यपि कृष्ण की आयु छोटी थी लेकिन विलक्षण प्रतिभा देखकर रायणा ने मरते समय इस राधिका मण्डली का नेतृत्व श्रीकृष्ण को सौंप दिया । इसी मण्डली के चलते ही श्रीकृष्ण ने अपने मामा कंस का वध कर दिया। इस घटना को लेकर ब्रह्मवैवर्त  पुराण में राधाकृष्ण नाम से श्रीकृष्ण के चरित्र का हनन किया गया उसे बताते ही लाज आती है। दुखद स्थिति यह है आज इसी को धर्म माना जा रहा है।
कैसे कलंकित किया गया
वेदों के अनुसार उस व्यक्ति के नाम के पूर्व 108 जैसे सम्माननीय शब्द को जोड़ा जाता है, जिसने पहले 24 वर्ष,फिर उसके बाद 36 वर्ष और तत्पश्चात 48 वर्ष की आयु तक ब्रह्मचर्य का पालन किया हो। श्रीकृष्ण की आयु विवाह के समय 36 वर्ष बताई जाती है। उत्तम संतान की कामना से उन्होंने 12 वर्ष तक ब्रह्मचर्य का पालन किया। इस प्रकार वह 108 योगिराज कहलाए। ऐसे महापुरुष को दस वर्ष की आयु में चीरहरण करने वाला और 16 हजार 108 गोपिकाओं के संग रास रचाने वाला बताकर इतिहास को कलंकित कर डाला। इस पर देश ही नहंीं बल्कि विदेशियों ने भी उंगली उठाई। हमें आज यह सब वर्णन करते शर्म आती है कि चंद लोगों ने अपने स्वार्थ को पूरा करने के लिए महामानव योगीराज श्रीकृष्ण को कहां से कहां गिरा दिया। जहां तक श्रीकृष्ण के प्रेम का जिक्र तो सुदामा उद्धार, विदुर के घर भोजन, द्रोपदी की मदद जैसी घटनाएं अवश्य ही महाभारत में आईं हैं।
सामान्यतया कृष्ण चरित्र का उल्लेख ब्रह्म,पदम,विष्णु,वायु,भागवत, ब्रह्मवैवर्त,स्कन्द,वामन और कूर्म इन 7 पुराणों में मिलता है। जैसा विस्तार ब्रह्म,विष्णु,भागवत और ब्रह्मवैवर्त में है उतना अन्य पुराणों में नहीं है। इस पौराणिक वर्णन में न तो महाभारत के कृष्ण की राजनैतिक विलक्षणता का ही उल्लेख हुआ है और न उसकी चारित्रिक महत्ता,ओजस्विता और उदात्तता का। पुराणकार की दृष्टि में कृष्ण की वात्सल्य और श्रंगार लीलाओं के चित्रण की ओर ही विशेष रूप से उन्मुख हुए हैं। जब कृष्ण को ईश्वर मानकर उसके दिव्य अवतार की उपासना देश में प्रचलित हुई तो कृष्णोपासना के आधार पर अनेक सम्प्रदाय स्थापित हो गए। पांचरात्र, भागवत,वासुदेव,माध्व,निम्बार्क,वल्लभ सम्प्रदाय प्रमुख थे। इन सम्प्रदायों के जन्म से पूर्व तक कृष्ण आदर्श चरित्रवान परम सात्विक आचार सम्पन्न और प्रतिभाशाली महापुरुष समझे जाते थे। परन्तु तांत्रिक साधना के प्रचार के कारण वैष्णव सम्प्रदायों मं भी वासनामूलक श्रंगार का मिश्रण होने लगा। महाभारत के कृष्ण जहां मर्यादापोषक, संयमी और सत्वगुण सम्पन्न हैं। वहां पुराणों,काव्यग्रंथों एवं अन्य साम्प्रदायिक गंन्थ में उनके जीवन को अत्यन्त विलासितापूर्ण, स्थूल वासनायुक्त और रोमांटिक बनाने का प्रयत्न किया गया।
श्रीमदभागवत के रासपंचाध्यायी दशम स्कन्द के 19-33 अध्याय में गोपी प्रसंग और कुब्जा लीला का जिस तरह का भोंडा प्रदर्शन किया गया है उसका वर्णन करने में लाज आती है। इसी प्रकार इसी स्कन्द के अ.90 श्लोक 29 तथा 31 में श्रीकृष्ण की 16108 पत्नियां और प्रत्येक के दस-दस पुत्र उत्पन्न बता कर इस महात्मा के चरित्र को कलंकित किया गया है।
इस का जिक्र करता यह श्लोक
आस्थितस्य परधर्म कृष्णस्य गृहमेधिनाम।
आसनसषोडस साहस्रं महिष्योष्ट शताधिकम।।
एकैकस्या दशदश कृष्णोअजीजनदात्मजान।
यावंत्य आत्मनो भार्या अमोघ रति ईश्वर:।।
राधा-कृष्ण की लीला का वर्णन भी भागवत में कहीं भी नहीं है। भागवत को वैष्णव लोग पंचम वेद कहते हैं। उसमें राधा का उल्लेख न होना एक विचित्र घटना है। इसी भांति विष्णु और हरिवंश पुराण मं राधा का संकेत मात्र से भी नाम नहीं आता है। श्रीकृष्ण की इस तथाकथित प्रेयसी राधा का महाभारत में भी कहीं पता नहीं है। केवल ब्रह्मवैवर्त पुराण में राधा का जिक्र होता है। उसमें कृष्ण के बारे में जो कलंकित चित्रण किया गया है, उसकी कल्पना तक नहीं की जा सकती। विभिन्न मत-मतांतरों के लोगों ने अपनी गलतियों पर पर्दा डालने के लिए कृष्णवतार को ही कलंकित कर डाला। इन तथाकथित दुराचारी गुरुओं ने धर्म और ईश्वर की आड़ में ऐसे ग्रंथ रचकर पूर्ण मानवता को ही कलंकित कर डाला है। ईश्वर इन सभी को सद्बुद्धि प्रदान करे।
पं.महेन्द्र कुमार आर्य
पूर्व प्रधान, आर्य समाज सूरजपुर

परिचर्चा: 'ईश्वर और 'भगवान में क्या है अंतर?

ग्रेटर नोएडा (ब्यूरो)। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व होने के कारण शहर में भक्ति रस की धारा का प्रवाह हो रहा है। ऐसे समय में यह प्रश्न सामने आया कि सृष्टि रचयिता ईश्वर और आराध्य देव भगवान में क्या अंतर है।इस पर चंद हस्तियों के विचार इस प्रकार हैं:-
एकदूसरे के पर्यायवाची हैं: विद्यासागर वर्मा 
पूर्व राजदूत विद्यासागर वर्मा कहते हैं कि ईश्वर और भगवान एक दूसरे के पर्यायवाची हैं। ऐश्वर्यवान व्यक्ति को भगवान कहा दिया जाता है जैसे भगवान बुद्ध,भगवान महावीर आदि।
अनेक नाम ईश्वर एक है: बिजेन्द्र आर्य
आर्य नेता बिजेन्द्र आर्य ने कहा कि ईश्वर और भगवान एक ही है। जिस तरह से बच्चे को बचपन में अनेक नाम से पुकारा जाता है उसी तरह से हम ईश्वर को विभिन्न नामों से पुकारा जाता है।

ईश्वर निराकार है,भगवान साकार है:गोस्वामी
ग्रेटर नोएडा के प्रखर संत गोस्वामी सुशील जी महाराज ने कहा कि ईश्वर और भगवान दोनो ही अलग-अलग हैं। भगवान तो कोई भी मनुष्य भी सत्कर्म करके  बन सकता है। लेकिन ईश्वर निराकार है वह शरीर धारण नहीं करता है। उन्होंने कहा कि सत्कर्म करके ही राम,कृष्ण,महावीर और बुद्ध भगवान बन गए।
गुण-कर्म के आधार पर भगवान होते हैं:एडवोकेट राजकुमार नागररामलीला समिति के संरक्षक और वरिष्ठ एडवोकेट राजकुमार नागर भी कहते हेैं कि ईश्वर और भगवान एक ही है। गुण और कर्म के आधार पर भगवान माना जाता है।
ईश्वर सर्वगुण सम्पन्न होता है:पं. मूलचंद आर्य
आर्य समाज सूरजपुर के वरिष्ठ उप प्रधान पं. मूलचंद आर्य ने कहा कि ऐश्वर्ययुक्त
सभी गुणों से संपन्न परमात्मा को ईश्वर कहते हैं। सच्चिदानंद और परमेश्वर के नाम से उसे जाना जा सकता है। गुण कर्म और स्वभाव के कारण महामानव यहां भगवान बन गए और लोंगों ने उनकी आराधना की जबकि ये भगवान स्वयं किसी न किसी आराध्य की आराधना करते हैं। हमें भी उन्ही देवों की आराधना करनी चाहिए, यही आर्य समाज कहता है।
ईश्वर को ज्ञान से प्राप्त किया जा सकता है:तेजपाल सिंह नागर
प्राचार्य एवं नेता तेज पाल सिंह नागर कहते हैं कि ईश्वर को ज्ञान से और भगवान को भक्ति से पाया जा सकता है। ईश्वर तटस्थ होता है, जबकि भगवान अपने भक्त के अधीन होता है और वह पक्षपात भी कर सकता है।
ईश्वर सर्वव्यापक है: पं. धर्मवीर आर्य
आर्य समाज सूरजपुर के मंत्री पं. धर्मवीर आर्य का कहना है कि ईश्वर एक है और निराकार है सर्वव्यापक है। ईश्वर सम्पूर्ण 22 गुणों से युक्त होता है जबकि भगवान पुरुषोत्तम एवं छह गुणों वाला होता है। राम,कृष्ण आदि ऐसे ही भगवान है।
दोनों में अंतर है:एडवोकेट मुकेश शर्मा

वरिष्ठ समाजसेवी और एडवोकेट मुकेश कुमार शर्मा का कहना है कि ईश्वर और भगवान में अंतर जरूर है। ईश्वर एक है जबकि भगवान अनेक हैं। ये भगवान भी इसी ईश्वर की आराधना करते हैं।

Thursday, 20 August 2015

राजनीति में नई क्रांति लाने के लिए आई है हिन्द कांग्रेस पार्टी

पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयवीर सिंह नागर से लिए गए साक्षात्कार के मुख्य अंश

ग्रेटर नोएडा (ब्यूरो)। हिन्द की राजनीति में क्रान्तिकारी बदलाव को लाने के लिए और देश के युवाओं को नई दिशा देने के लिए काफी खोजबीन करने के बाद हमने नेताजी सुभाष चन्द बोस के जयहिन्द से प्रेरणा लेकर अपनी पार्टी हिन्द कांग्रेस पार्टी की स्थापना की।
यह बात हिन्द कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयवीर सिंह नागर ने अपने सूरजपुर प्रवास के दौरान एक भेंटवार्ता में बताई।
प्रश्न: आपने पार्टी को किस स्तर पर खोजबीन के बाद वर्तमान स्वरूप किया?
श्री नागर:पार्टी की स्थापना करने से पहले हमने वकीलों का लम्बा चौड़ा पैनल बनाया, कुछ पत्रकारों को भी इसमें शामिल किया, कुछ समाजसेवियों को भी इक_ा किया। इन सभी की राय लेने के बाद पार्टी का संविधान व अन्य ढांचा तैयार कराया।
प्रश्न: आपकी पार्टी की नींव का आधार कैसे तैयार किया?
श्री नागर: हमने और हमारे पैनल ने  विभिन्न पार्टियों का संविधान,एजेंडा व अन्य चीजों का बारीकी से अध्ययन किया और यह तय किया कि हम अपनी ऐसी पार्टी बनाएंगे जो देश में अपनी अलग छाप छोड़े और अधिक से अधिक लोगों को जोडे।
प्रश्न: इसके लिए आपने क्या किया?
श्री नागर: हमने यह तय किया कि हम सत्तालोलुपता की राजनीति नहीं करेंगे बल्कि राजनीति में व्याप्त गंदगी को साफ करने के लिए खुद काम करेंगे और पार्टी ेंमें आने वाले कार्यकर्ताओं को इस बात की प्रेरणा देंगे।
प्रश्न:ऐसा तो आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल भी कर चुके हैं,अब उनका क्या रुख है, क्या आप भी ऐसा ही करेंगे?
श्री नागर: कतई नहीं। श्री केजरीवाल ने तो स्वार्थ की राजनीति की है। उन्होंने चुनाव से पहले जनता से जो वायदे किए थे उन्हें पूरा नहीं कर सके। जनता भी उन्हें अच्छी तरह जान गई है। हम वैसा कतई नहीं करेंगे।
प्रश्न: तो फिर आप क्या करेंगे?
श्री नागर: हम जनता को साथ लेकर चलेंगे। ईमानदारी से कहें तो हम स्वार्थ की राजनीति,सत्ता लोलुपता की राजनीति नहीं करेंगे। हम लेने में नहीं बल्कि देने में विश्वास करते हैं। हम वैसा ही करेंगे। मेरा मानना है कि सत्ता की राजनीति करने के साथ ही भ्रष्टाचार शुरू हो जाता है। आज के दौर में भारत में जितने भी राजनीतिक दल हैं यही कर रहे हैँ। इसका नतीजा आप सबके सामने है। आज हम देश का 69 वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं चारों ओर अव्यवस्था का आलम है। महंगाई और भ्रष्टाचार और अनाचार ने आम आदमी की नाक में दम कर रखा है। आज हम यह भूल गए हैं कि हमारे लाखों शहीदों ने किस तरह की स्वतंत्रता की कल्पना की थी और आज हम क्या कर रहे हैं। नेताजी सुभाष चन्द बोस,भगत सिंह, चन्द्र शेखर आजाद,अशफाक उल्ला खान सहित लाखों लोगों ने देश की आजादी के लिए अपना जीवन भारत माता के चरणों मे न्यौछावर कर दिया।
प्रश्न: तो फिर आप राजनीति ही क्यों करेंगे और यदि करेंगे ते किस तरह की राजनीति करेंगे?
श्री नागर: देश और समाज को दिशा देेने के लिए राजनीति आवश्यक है। हम स्वार्थ विहीन राजनीति करेंगे। हम सभी धर्मों और सभी जातियों और सभी वर्गो को साथ लेकर चलेंगे। हंां हम अपनी पार्टी और राजनीति में युवाओं को अवश्य ही तरजीह देंगे। क्योंकि अब तक जितने भी क्रांतिकारी परिवर्तन हुए हैं उनमें युवाओं ने निर्णायक भूमिका निभाई है।
प्रश्न: आपकी पार्टी की स्थापना का कितना समय हो गया है,क्या उपलब्धि हासिल की है?
श्री नागर: हमारी पार्टी की स्थापना का एक वर्ष हो गया है। हमारी पार्टी की स्थापना 14 अगस्त 2014 को हुई थी। हमने दिल्ली विधानसभा का चुनाव लड़ा था,उसमें पार्टी को काफी सफलता मिली थी। वर्तमान समय में हमारी पार्टी बिहार विधानसभा चुनाव में अपने प्रत्याशी उतार रही है। वहां हमारा चुनाव प्रचार तेजी से चल रहा है। उम्मीद करता हूं कि दिग्गज पार्टियों के बीच हमारी पार्टी अच्छी भूमिका निभाएगी।
प्रश्न:वर्तमान समय में जनप्रतिनिधियों की भूमिका से आप कितने संतुष्ट हैं?
श्री नागर: संतुष्ट! पूछिये कितने असंतुष्ट हैं? मैं क्या पूरा देश आजकल टीवी पर संसद में होने वाली कार्यवाही को देखता है, देश ही नहीं विदेश में भी लोग देखते होंगे। संसद में जनता के कामकाज को रोक कर हमारे प्रतिनिधि बच्चों की तरह लड़ते हैं। कभी-कभी तो ये रौद्र रूप भी ले लेते हेँ। उनके इस चाल-चरित्र को देखते हुए लगता है कि ये जनता की गाढ़ी कमाई को किस बुरी तरह से बर्बाद कर रहे है। इन लोगों की जिम्मेदारी देश और देश की जनता के लिए है। इन्हें चाहिए कि अपने-अपने क्षेत्र के विकास और अन्य समस्याओं को सुलझाने के प्रयास संसद में करें। ये सब इस बात को अच्छी तरह से जान लें कि आज की जनता इतनी नासमझ नहीं है कि ये जो करेंगे वो सब चलेगा। अब गलत तंत्र को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किय जाएगा और अच्छे तंत्र की सराहना होनी चाहिए।
प्रश्न:अंत में आप क्या कहना चाहेंगे?
श्री नागर: देश को नई दिशा देने के लिए हमनें क्रांतिकारी नारा जयहिन्द से हिन्द को लेेकर पार्टी बनाई है। हम उसकी मर्यादा को पूर्णरूप से अक्षुण रखेंगे और देश और समाज हित में युवाओं को साथ लेकर देश की राजनीति को भ्रष्टाचार व स्वार्थ से मुक्त रखकर नई दिशा देने का प्रयास करेंगे। जयहिन्द।


Monday, 3 August 2015

मैक्स हॉस्पिटल ने मनायी पहली वर्षगांठ

डेढ़ सौ जानें बचाने की उपलब्धि हासिल की:प्रबंधन
कई मामलों में अन्य अस्पतालों से अलग है मैक्स हॉस्पिटल
कैंसर रोग के इलाज के लिए सबसे आधुनिक टेक्नॉलॉजी है मैक्स में
एक वर्ष पूरे होने पर आयोजित समारोह में प्रबंधन ने कम फीस में अधिक गुणवत्ता वाली सेवा देने का वायदा किया


ग्रेटर नोएडा (ब्यूरो)। अस्पताल और डॉक्टर का धर्म होता है कि अपने क्षेत्र की लोगों की जान बचाना और ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर में स्थित मैक्स मल्टी स्पेशियल्टी अस्पताल ग्रेटर नोएडा ने पिछले अपने एक साल के कार्यकाल के दौरान लगभग 150 ऐसे मरीजों की जान बचाई जिन्हें उपचार मिलने में थोड़ी देर हो जाती तो उनका बचना मुश्किल था, अस्पताल को  इस उपलब्धि पर गर्व है।
यह विचार मैक्स मल्टी स्पेशियल्टी अस्पताल के ग्रेटर नोएडा में संचालन के एक वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित समारोह में अस्पताल के प्रबंधन ने प्रेस कान्फे्रस में व्यक्त किए। इस अवसर पर मैक्स मल्टी स्पेशियल्टी अस्पताल ग्रेटर नोएडा के डॉक्टरों ने ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में अस्पताल और रोगियों की चुनौतियों और एक साल में अस्पताल की विभिन्न उपलब्धियों पर चर्चा की गई।
अस्पताल के संचालन के महाप्रबंधक डॉ. पवन कुमार ने कहा कि इस क्षेत्र में हमारे अस्पताल और अन्य अस्पतालों के बीचय सबसे बड़ा अंतर यह है कि हम इस क्षेत्र के निवासियों को सातों दिन चौबीसों घंटे उच्च स्तरीय इंसेटिव केयर टीम के साथ आईसीयू की सुविधा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि हम ग्रेटर नोएडा में कैंसर रोगियों के लिए सबसे विकसित ऑन्कोलॉजी सेवाएं और ऑन्कोलॉजिस्ट की अतिविशिष्ट टीम उपलब्ध करा रहे हैं। अस्पताल में हमारी ऑन्कोलॉजिस्ट टीम के द्वारा कैंसर रोगियों के लिए कमांडो सर्जरी की गई जो कि क्षेत्र में किसी अस्पताल के लिए अपनी तरह की पहली पहल है। डॉ. पवन कुमार ने कहा कि हमारे पास सबसे बेहतर एनआईसीयू लेवल 3 केयर के साथ नर्सरी सुविधा उपलब्ध है जो कि इस क्षेत्र में हीं भी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने बताया कि हमने गुर्दे की पथरी वाले कई रोगियों का इलाज किया है,अस्पताल इस क्षेत्र में गुर्दा प्रत्यारोपण इकाई स्थापित करने की भी योजना बना रहा है।
इंसेटिव केयर यूनिट विभाग के प्रमुख डॉ. वाईपी सिंह ने कहा कि वर्ष 2014 में इस क्षेत्र में ट्रॉमा के कुल 5034 मामले हुए और 362 मौतें दर्ज की गईं। उसके बाद ट्रॉमा के रोगियों में वृद्धि हुई। मेक्स मल्टी स्पेशियल्टी हॉस्पिटल ग्रेटर नोएडा की इंसेटिव केयर यूनिट में मौजूद टीम और रेस्पांस टीम के मामले में शहर के अन्य अस्पतालों से सबसे अच्छा है। पिछले एक साल में हामरे अस्पताल में इलाज किए जाने वाले ट्रामा रोगियों की औसत आयु 40 वर्ष है। उन्होंने कहा कि रोगी आम तौर पर परिवार का कमाऊ सदस्य होता है। इसके अलावा ट्रॉमा के सभी रोगियों को आईसीयू केयर की आवश्यकता होती है और हमारे पास इस क्षेत्र में सबसे अच्छा आईसीयू केयर उपलब्ध है। अस्पताल में सभी ट्रमा प्रोटोकाल विशेषज्ञ न्यूरो और आर्थो टीम के साथ एनएबीएच दिशानिर्देशों के अनुसार पालन किया जाता है।
होम केयर और ईआर नोएडा और ग्रेटर नोएडा के उपाध्यक्ष और जोनल हेड हरेश डी त्रिवेदी ने कहा कि मैस मल्टी स्पेशियल्टी हॉस्पिटल ग्रेटर नोएडा में हमारा उद्देश्य हमेशा रोगी पर सर्वांगीण ध्यान देने के साथ उत्कृष्ट चिकित्सा उत्कृष्टता प्रदान करना रहा है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अस्पताल ग्रेटर नोएडा में कई नवीनतम चिकित्सा तकनीकों और नयी प्रक्रियाओं को लाया है ताकि रोगियों को इस तरह के विशेष स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने के लिए दिल्ली जाने की जरूरत न पड़े। उन्हेांने कहा कि मैक्स मल्टी स्पेशियल्टी हॉस्पिटल ग्रेटर नोएडा ने अपनी स्थापना के बाद से हजारों रोगियों का विश्वास जीता है।
अस्पताल के प्रबंध निदेशक एवं वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संदीप सहाय ने कहा कि अस्पताल में कार्यरत चिकित्सको की टीम ने क्षेत्र के लोगों का भरोसा जीता है। उन्होंने बताया कि वह काफी अरसे से ग्रेटर नोएडा में कार्यकर रहे हैं और लोगों का उनसे सीधा जुड़ाव इसलिए है कि लोगों को उनमें पूर्ण भरोसा है। डॉ. सहाय ने बताया कि मैस गु्रप का भविष्य उज्ज्वल है एवं इसके प्रबंधन के चिकित्सा के क्षेत्र में अच्छे उपायों को देखते हुए उन्होंने मैक्स अस्पताल को अपनी सेवाएं देने का निश्चय किया। उन्होंने कहा कि ओपीडी तो बगीचे में भी चलाई जा सकती है लेकिन चिकित्सा देने की जो गुणवत्ता होती है वह किसी अच्छे अस्पताल में होती है, वे सारी गुणवत्ताएं मैक्स अस्पताल में हैं,इसलिए इस ग्रुप का भविष्य उज्जवल है।

विकास के मुद्दे पर विस चुनाव लड़ेगी सपा:प्रताप सिंह चौहान

ग्रेटर नोएडा (ब्यूरो)। समाजवादी पार्टी द्वारा आयोजित साइकिल यात्रा को लेकर पार्टी के जिले के पदाधिकारियों एक बैठक सूरजपुर स्थित जिला कार्यालय पर आयोजित की गई। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि समाजवादी पार्टी सरकार द्वारा सवा तीन वर्ष में किये गये विकास कार्यकर्ताओं को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से समाजवादी पार्टी जनपद में गांव-गांव साईकिल यात्रा निकालेगी। पहले ये यात्रा एक अगस्त चौदह अगस्त तक आयोजित की जानी थी। से आरम्भ होने थी लेकिन जनपद में इस दौरान कांवड यात्रा चलेगी जिसके मद्देनजर साईकिल यात्रा में फेरबदल किया गया। अब जनपद में साईकिल यात्रा सत्रह अगस्त से आरम्भ होकर इकतीस अगस्त तक चलेगी। उन्होने कहा कि समाजवादी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव विकास के मुद्दे पर लड़ेगी। समाजवादी पार्टी सरकार ने सभी वर्गों के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएंं चलाई जिसका लाभ जन-जन को मिल रहा है। साइकिल यात्रा द्वारा इन विकास की योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जायेगा और समाजवादी विचार धारा को जन-जन तक पहुंचाया जायेगा। इस मौके पर मुख्य रूप से राजकुमार भाटी, विनोद यादव, हाजी ननका, लोकमन प्रधान, मनोज डाढ़ा, सुनील बदौली, श्री निवास आर्य सुधीर तोमर, उधम पण्डित, ब्रजपाल भाटी, रविन्द्र भाटी, आजाद सिद्दकी, नवीन चौहान, अनूप तिवारी, गुड्डू चौहान, रणपाल सिंह, बालेश्वर बाल्मिकि, गौरव चौहान, प्रदीप रावत आदि उपस्थित थे।

बीटेक के नए छात्रों को इंडस्ट्री की मांग के अनुरूप तैयार करेगा आईटीएस

ग्रेटर नोएडा(ब्यूरो)। आईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज ग्रेटर नोएडा में सत्र 2015 के लिए कॉलेज में प्रथम वर्ष की कक्षाएं सोमवार से शुरू हो गईं। अपने चाल से नई जोश, मन में विश्वास और आँखों में नये सपने लिए तरह-तरह के आधुनिक परीक्षाओं में नवप्रवेशित छात्र/छात्राएं अपने माता-पिता के साथ जब संस्थान परिसर में पहुँचे तो परमरानुसार बी.टेक. द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने चन्दन का टीका लगाते हुए उनका जोरदार स्वागत किया गया। इस अवसर पर एक सभा का आयोजन किया गया जिसकी शुरुआत माँ सरस्वती की वन्दना स्तुति से की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आये आईटीएस दा एजूकेशन ग्रुप के वाइस चेयरमेन श्री सोहेल चडढ़ा, चीफ एडमिनिस्ट्रेटर श्री सुरेन्द्र सूद एवं विशिष्ट अतिथि अनुप मण्डल, सी.आई.ओ., एच.टी. मिडिया तथा संस्थान के निदेशक डा विनीत कंसल ने माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम को प्रारम्भ किया। आयोजित सभा में बी.टेक. के सभी विभागो के विभागाध्यक्ष, शिक्षक एवं नवप्रवेशित छात्रों के साथ उनके माता-पिता भी उपस्थित रहें। मिस निलाक्षी गोयल ने संस्थान की उपलब्धियों एवंम प्रगति पर व्याख्यान नवप्रवेशित छात्रों का स्वागत करते हुए आईटीएस ग्रुप के चीफ  एडमिनिस्ट्रेटर श्री सुरेन्द्र सूद ने संस्थान एवं ग्रुप के बारे में पुरी जानकारी देते हुए सभी छात्रों को पूरी तरह से विश्वास दिलाया कि संस्थान उन्हें आधिुनिक तरीके से अनुभवी शिक्षको के माध्यम से विश्वस्तरीय शिक्षा देने हेतु प्रतिबद्ध है इसके उपरांत कहा कि इंजीनियरिंग के छात्रों में आजकल प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ गई हैं तथा पिछले दशक में इंजीनियरिंग क्षेत्र में काफी विकास भी हुआ है एवं आने वाले समय में बहुत से दक्ष इंजीनियरो की जरूरत देश को पड़ेगी। इसके लिए हम पूरी तरह से तैयारी कर रहे हैं। इसका लाभ आने वाले समय में इन छात्रों को अवश्य ही मिलेगा। प्रो नीरज खरे ने विद्यार्थियों को पूरी निष्ठा और कड़ी मेहनत के साथ अध्ययन करने की सीख दी। विशिष्ट अतिथि अनुप मण्डल, सी.आई.ओ., एच.टी. मीडिया ने विद्यार्थियों को समझाया कि वे अभी से ही स्वयं को इन्डस्ट्री की मांग के अनुसार विकसित करे, इसके लिए उन्होंने विद्यार्थियों को इन्डस्ट्री की मांग, व्यक्तित्व एवं अन्य तकनीकी संस्थान के निदेशक डॉ. विनीत कंसल ने विद्यार्थियों को संस्थान के नियमों तथा पाठयक्रम के बारे में समझाते हुए कहा कि किसी भी विद्यार्थी की सफलता में मेहनत और अनुशासन की सबसे अहम भूमिका होती है। नवप्रेशित छात्रों को सम्बोधित करते हुए डा कंसल ने कहा कि संस्थान विद्यार्थियों को उच्चकोटी की शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, तथा विद्यार्थियों को व्यक्तित्व निखारने के लिए संस्थान समय-समय पर तकनीकी विषयों पर आधारित कार्यशाला, सेमिनार आदि का आयोजन करता रहता है। डॉ. कंसल ने नवप्रवेेशित छात्रों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनायें देतु हुए विश्वास व्यक्त किया कि आईटीएसइंजीनियरिंग कॉलेज उनके उज्जवल भविष्य को संवारकर एक नई दिशा
डा गगन दीप अरोडा, डीन-ऐकेडेमिक और प्रशासन शैक्षिक कार्यक्रम, परीक्षा प्रणाली और एंटी रैगिंग कमेटी ने कॉलेज के नियामों से डा राकेश दुबे, हैड अप्लाइड साइंस ने छात्रो को कक्षा में प्रतिदिन अपनी उपस्थित प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित किया और छात्रों को उनके शैक्षिक अध्ययन के लिए ईमानदारी व नियमित रूप से पढाई करने के लिए कार्यक्रम में सम्मलित हुए भूतपूर्व छात्रों ने आईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज में बीताएं हुए अपने समय के सुनहरे पलों को याद करते हुए नवप्रवेशित छात्रों को अपनी सफलताओ के बारे में अवगत कराया। अंत में डा रश्मि गुप्ता ने कार्यक्रम में उपस्थित हुए सभी मुख्य अतिथियों, शिक्षको, छात्रों और वहां उपस्थित नवप्रवेशित छात्रों के माता-पिता को धन्यवाद देकर कार्यक्रम का समापन किया।

Monday, 20 July 2015

मंदिरों में भोलेनाथ और नादिया ने पिया दूध, हजारों भक्त उमड़े

भक्तों की उमड़ी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने की व्यवस्था चौकस
गलियों में पीसीआर ने लगाए गश्त, पुलिस कर्मी रहे हलकान
शहर में दूध की खरीद के लिए हुई जोरदार मारामारी,हर कोई दूध लेकर मंदिर की ओर दौड़ा

ग्रेटर नोएडा (ब्यूरो)। सोमवार की शाम को अचानक एक खबर आई कि मंदिरों में भोलेनाथ और उनका वाहन नादिया दूध पी रहे हैं तो भक्तों की भीड़ मंदिरों की ओर दौड़ पड़ी। देखते ही देखते मंदिरों में हजारों लोग इकटठे हो गए और दूध पिलाने की होड़ में जुट गए।
यह खबर जैसे-जैसे शहर में जंगल की आग की तरह फैल रही थी वैसे-वैसे ही शिवभक्तों का तांता मंदिर पर लग रहा था। हर कोई अपने प्रिय भगवान को दूध पिलाने की कोशिश कर रहा था। दूध पिलाने वालों में सभी उम्र के बच्चे-महिलाएं युवक व युवतियां तेजी से बढ़ रहीं थीं।
सूरजपुर के शिव मंदिर में सैकड़ों शिवभक्त अपने हाथ में दूध का पात्र लेकर एकदूसरे से आगे बढ़ कर अपने आराध्य देव को दूध पिलाने का जतन कर रहे थे। ऐसा लगा रहा था कि मानों हर भक्त समय रहते दूध पिलाना चाहता है, कहीं ऐसा न हो कि उसका नंबर आते ही भोलेनाथ रूठ कर कहीं चले न जाएं। इस भगदड़ और आपाधापी की खबर मिलते ही शहर की कानून-व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों ने भी अपनी गश्त बढ़ा दी। शिवमंदिरों के आसपास पीसीआर की व्यवस्था लगा दी ताकि कोई अप्रिय वारदात न हो सके। शाम लगभग साढ़े सात बजे से दूध पिलाने की खबर मिली और देर रात तक लोग दूध पिलाने की होड़ में लगे रहे।
इससे पहले गणेश जी की दूध पीने की खबर देशभर में फैल चुकी है। लाखों लोगों ने मंदिरों में भगवान गणेश जी को दूध पिलाया था।

Sunday, 19 July 2015

हिन्द कांग्रेस पार्टी में पांच नए पदाधिकारी मनोनीत

जिला अध्यक्ष अनिल भाटी ने किया सभी का स्वागत

ग्रेटर नोएडा (ब्यूरो)। हिन्द कांग्रेस पार्टी अपने मिशन में कामयाब होती हुई तेजी से अपना विस्तार कर रही है। रविवार को सूरजपुर स्थित पार्टी कार्यालय में पार्टी के पांच नए पदाधिकारियों का मनोनयन किया गया। पार्टी के जिला अध्यक्ष अनिल भाटी, मेरठ मंडल अध्यक्ष दिनेश शर्मा, जिला उपाध्यक्ष विनोद शर्मा, यूथ विंग के प्रदेश सचिव रजनीश चौधरी, यूथ विंग के जिला उपाध्यक्ष अवनेन्द्र यादव ने सभी नए सदस्यों का स्वागत फूल माला पहना कर व मिठाई भेंट कर किया। जिला अध्यक्ष अनिल भाटी ने सभी नए सदस्यों को मनोनयन पत्र सौंप कर उनका स्वागत किया और उनसे अपने-अपने दायित्वों को पूर्ण ईमानदारी व निष्ठा के साथ निभाने का आवाहन किया।
विनोद शर्मा (ऐच्छर)को मीडिया प्रभारी और प्रचार समिति का अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। जिला अध्यक्ष श्री भाटी द्वारा मनोनयन पत्र दिए जाने के अवसर पर सभी कार्यकर्ताओं ने श्री शर्मा का जमकर स्वागत किया। पार्टी के युवा मोर्चा के सहसचिव पद पर धीरज शर्मा को मनोनीत किया गया। मनोनयन पत्र दिए जाने पर कार्यालय में उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने श्री शर्मा का करतल ध्वनि से स्वागत किया और बधाई दी।
पार्टी के युवा मोर्चा के ग्रेटर नोएडा के नगर अध्यक्ष पद पर कपिल गुप्ता को मनोनीत किया गया है। श्री गुप्ता को पार्टी के सभी पदाधिकारियों ने स्वागत किया और जिला अध्यक्ष ने मनोनयन पत्र सौंप कर सम्मानित किया। इस अवसर पर सभी कार्यकर्ताओं ने श्री गुप्ता के पार्टी में आने का स्वागत किया। इसके अलावा असित शर्मा को युवा मोर्चा का दादरी विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी बनाया गया है और संजय कुमार को नोएडा विधानसभा क्षेत्र का सचिव मनोनीत किया गया है। 

हिन्द कांग्रेस पार्टी ने भरी यूपी मिशन 2017 की हुंकार

उत्तर प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी पार्टी:अनिल भाटी
बूथ स्तर पर पार्टी की नींव मजबूत करने के लिए किया जिला अध्यक्ष ने आवाहन

ग्रेटर नोएडा (ब्यूरो)। हिन्द कांग्रेस पार्टी दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद बिहार विधानसभा की सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार कर मैदान में डटी है। इसके बाद पश्चिम बंगाल, हरियाणा,पंजाब और राजस्थान के विधानसभा चुनावों के साथ ही देश की राजनीतिक दिशा तय करने वाले उत्तर प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
रविवार को सूरजपुर स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक सम्मेलन में गौतमबुद्धनगर के जिला अध्यक्ष अनिल भाटी ने पांच नए पदाधिकारियों के मनोनयन पर हर्ष जताते हुए यह संकेत दिया।
उन्होंने कहा कि पार्टी किन-किन मुद्दों पर चुनाव लड़ेगी इस पर पार्टी के हाईकमान के साथ राष्ट्रीय स्तर की बैठक के बाद ही तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनावों के लिए अधिक समय नहीं है और हमारी पार्टी भी अभी शैशव अवस्था में है, इसलिए हमारी सबकी जिम्मेदार बहुत बड़ी है और सामने दिग्गज पार्टियों से मुकाबला है। यह भी कड़ी चुनौती है लेकिन हमारे हौसले कम नहीं हैं।
पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए श्री भाटी ने कहा कि हमें सबसे पहले बूथ लेबल पर पार्टी की नींव मजबूत करनी होगी। सभी कार्यकर्ताओं को अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी और पूर्ण निष्ठा से निभानी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि जनवरी 2016 तक सभी कार्यकर्ताओं की कड़ी परीक्षा होगी और इसमें जो भी कार्यकर्ता पार्टी की अपेक्षाओं पर खतरा उतरेगा या अव्वल आएगा उसे पाटी में बड़ा पद देकर सम्मानित किया जाएगा। श्री भाटी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि जितनी जल्दी हो सके बूथ स्तर पर कमेटियों का गठन किया जाए, इसके लिए विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष और उनके साथी जिम्मेदार होंगे।
पार्टी के गोतमबुद्धनगर के जिला अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी में आने वालों का स्वागत करती है साथ ही यह अपेक्षा करती है कि वह अपनी-अपनी जिम्मेदारी पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी से निभाएं।
एक और एक मिलकर ग्यारह बनाने की तर्ज पर तेजी से पार्टी का विस्तार करने वले श्री भाटी का कहना है कि पिछले चार सप्ताह में हमनें काफी सफलताएं मिलीं हैं और आशा है कि आने वाले समय में इससे कहीं अधिक सफलताएं मिलेंगी। यदि  हम अपनी उम्मीदों पर खरे उतरे तो प्रदेश स्तर पर संघर्ष के लिए जल्द ही तैयार जाएंगे। उन्होंने विस्तार से बताया कि पहले सप्ताह में पांच सदस्यों से लेकर पार्टी की शुरुआत करने के बाद आज चार सप्ताह के बाद सदस्यों की संख्या लगभग 50 है। इसी रफ्तार से चलते हुए अगले माह तक हम यह संख्या 350 से लेकर 1000 तक पहुंचा देंगे। इसके लिए पार्टी के सभी सदस्यों का सक्रिय सहयोग की आवश्यकता है।
इस अवसर पर उपस्थित मेरठ मंडल के अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने कहा कि हमें इस बात की खुशी है कि पार्टी के सदस्यों का विस्तार हो रहा है , साथ ही हम यह यह आशा करते हैं कि सभी कार्यकर्ता अपेक्षा से अधिक तेजी से पार्टी को मजबूत करने के कार्य में जुट जाएं क्योंकि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए समय कम है, इस बात का सभी को ध्यान रखना होगा। साथ ही हम सबको इतनी मेहनत करनी होगी कि चुनाव में यह दिखाई पड़े कि हिंन्द कांंग्रेस पार्टी दिग्गज पार्टियों को कड़ी टक्कर देगी।
जिला उपाध्यक्ष विनोद शर्मा ने कहा कि आज के युग में सभी राजनीतिक दल धनाढ्यों की राजनीति करते हैं, उनकी सेवा में लगे रहते हैं,लेकिन हमारी पार्टी गरीबों की पार्टी है, हमारी पार्टी में कोई अमीर नहीं है। हम सब मिलकर गरीबों की सेवा करेंगे और उन्हें उनका सही हक दिलवाएंगे। यह कार्य हमने कर लिया तो निश्चित ही उत्तर प्रदेश की राजनीति में सफलता के झंडे गाड़ देंगे।
पार्टी की यूथ विंग के प्रदेश सचिव रजनीश चौधरी ने कहा कि हमें यूपी के 2017 के विधानसभा चुनाव के लिए ऐसी तैयारी करनी है कि उसका असर प्रदेश की राजनीतिक क्षितिज पर स्पष्ट दिखाई दे और लोग हिन्द कांग्रेस पार्टी का लोहा मानने लगें। इसके लिए यह जरूरी है कि सभी कार्यकर्ता अपने-अपने दायित्व को पूरी ईमानदारी के साथ निभाएं और अपेक्षा से अधिक मेहनत करें तभी यह संभव होगा। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश में जगह-जगह पार्टी के प्रचार-प्रसार के लिए जा रहे हैं, हमें युवाओं का काफी समर्थन मिल रहा है। हमें इसका लाभ मिलेगा।
जिला अध्यक्ष अनिल भाटी के प्रयासों से प्रसन्न होकर कार्यकर्ताओं ने पूर्ण विश्वास दिलाया कि वे अपनी-अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी और कम समय को देखते हुए अधिक मेहनत करेगे और पार्टी को किसी तरह से निराश नहीं होने देंगे। सभी कार्यकताओं ने स्वागत करते हुए जिला अध्यक्ष श्री भाटी को फूल-मालाओं से लाद दिया।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष अनिल भाटी, जिला उपाध्यक्ष विनोद शर्मा, वरिष्ठ नेता श्रीपाल सिंह, यूथ विंग के प्रदेश सचिव रजनीश चौधरी, यूथ विंग के उपाध्यक्ष अवनेन्द्र यादव, सिकन्द्राबाद के विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष प्रेमवीर, सिकन्द्राबाद के ही पार्टी की युवा शाखा के विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष बबलू, निकित कुमार, आलोक तिवारी, शिवम चौहान, श्याम भदौरिया सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थे।