new

Monday, 29 June 2015

रमजान माह में इबादत का 70 गुना शबाब मिलता है:हुसैन

ग्रेटर नोएडा (ब्यूरो)। माहे रमजान बहुत ही बरकतों का महीना है। इस माह में खास अल्लाह की रहमत बंदो की तरफ नाजिल होती है। इस माहे मुबारक का क्या कहना, इसकी शान बहुत ही बुलंद है। इस माह में इबादत का शबाब 70 गुना बढ़ा दिया जाता है। अगर कोई एक पैसा खर्च करे तो अल्लाह उसको 70 का शबाब अता फरमाता है। यह कहना है सूरजपुर स्थित चांद मस्जिद के इमाम ताहिर हुसैन का।
उन्होंने फरमाया कि ये माहे मुबारक गुनाहों से तौबा करने का खास महीना है। उन्होंने कहा कि ये रोजे की बरकत है कि रोजेदार के लिए हर चीज अल्लाह की बारागाह में दुआ करती है।
 मसलन जब इंसान सोया होता है और सहरी के लिए बेदार होता है तो बिस्तर भी उसके लिए दुआए मगफिरत करता है। यहां तक कि जब वो उठ जाता है और कपड़े पहनता हैतो कपड़े भी उसके लिए दुआ करते हैं, जब वो बजू के लिए बर्तन उठाता है तो वह बर्तन भी उसके लिए दुआ करता है। यहां तक कि वो सहरी करता है तो खाना भी उसके लिए दुआ करता है। रमजान शरीफ में हर तरफ से बंदे के लिए भलाई ही भलाई लिखी जाती है। यहां तक कि अगर कोई गुनाह करता है तो वह उसके अपने नब्ज की चाल है। हदीस-ए-पाक में आता है कि शैतान को कैद कर दिया जाता है, जहन्नुम के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं और जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि इस माहे मुबारक में एक रात ऐसी भी आती है जिसमें इबादत करना हजार महीने से ज्यादा अफजल है। वो रात शबे कद्र है। हदीस-ए-पाक में आता है कि शबे कद्र को आखिरी ताक रातों में तलाश करो। उन्होंने कहा कि 21 वीं रात, 23 वीं रात, 25 वीं रात,27 वीं रात और 29 वीं रात में से एक शबे कद्र की रात होती है। जो इसको पा जाए उसे उस रात में अल्लाह की बारगाह में रो-रो कर, गिड़गिड़ाकर अपने गुनाहो बख्शीश चाहे तो उसे कर ले।
उन्होंने कहा कि इस रमजान शरीफ की बरकत से अल्लाह आलमे दुनिया में अमन कायम फरमाए। दिलखुशूश हमारे हिन्दुस्तान के अन्दर अमन कायम फरमाए और अल्लाहताला हमारे मुल्क हिन्दुस्तार में खुशहाली अता फरमाए। इत्तिफाक-इत्तिहाद फरमाए। 

Monday, 13 April 2015

नोएडा व ग्रेनो पर सीएम हुए मेहरबान

नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेस वे के क्षेत्र को ग्लोबल सिटी बनाने के लिए 6795.87 करोड़ की 62 महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया
ग्रेटर नोएडा (ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गौतमबुद्धनगर के नोएडा व ग्रेटर नोएडा को देश के समृद्धशाली शहरों में
शामिल करने का ऐलान किया है। श्री यादव ने शनिवार को अपने आवास से वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेस वे के क्षेत्र को ग्लोबल सिटी बनाने के लिए 6795.87 करोड़ की 62 महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया।
श्री यादव ने अपने लखनऊ के कालिदास स्थित मुख्यमंत्री आवास से इन परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इसका सीधा प्रसारण ग्रेटर नोएडा स्थित गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। लखनऊ में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री यादव ने कहा कि नोएडा,ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेस वे प्रदेश का शो विंडो है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लिए शुरू की गई विकासपरक योजनाओं का क्षेत्र की जनता को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सपा सरकार राज्य के समग्र विकास के लिए गंभीर है।  मुख्यमंत्री ने शनिवार को नोएडा,ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र के लिए जिन योजनाओं का लोकार्पण एवं शुभारंभ किया है उनमें से ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण की लोकार्पित परियोजनाओं की अनुमानित लागत 413.03 करोड़ रुपये हैं। इन योजनाओं में 137 एमएलडी की सीवेज शोधन संयंत्र का निर्माण, गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में आडिटोरियम और इण्डोर स्टेडियम का निर्माण कार्य व 500 किलोवाट क्षमता का रूफ टॉप सोलर पावर प्लान्ट का निर्माण तथा एक मेगावाट क्षमता का ग्रिड कनेक्टेड सोलर पावर प्लान्ट का निर्माण शामिल है।
ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण की जिन योजनाओं का मुख्यमंत्री द्वारा शिलान्यास किया गया है। इन योजनाओं की कुल लागात 1140.19 करोड़ है। इन योजनाओं में लोहिया एन्क्लेव आवासीय योजना, गंगाजल परियोजना, 20 एवं 15 एमएलडी सीवेज शोधन संयंत्र (सीटीपी) योजना तथा 2500 एकड़ में देश के सबसे बड़े ईको पार्क के निर्माण की योजना प्रमुख है।
मुख्यमंत्री ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की जिन योजनाओं का शिलान्यास किया है, उनकी लागत 901 करोड़ रुपये है। इन योजनाओं में समाजवादी आवास योजना के अन्तर्गत 1955 भवनों का निर्माण, सेक्टर 18 एवं 24 में 220ध्33 केवी के दो उपकेन्द्रों का निर्माण और यमुना एक्सप्रेस वे पर चैनेज किमी 67.14 पर स्थित बाजना-नौहझील रोड  और यमुना एक्सप्रेसवे के मध्य प्रवेश और निकास रैम्प का निर्माण की योजना प्रमुख है।
मुख्यमंत्री ने नोएडा प्राधिकरण के क्षेत्र में सबसे अधिक योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया। इन योजनाओं की कुल लागत 4341.65 करोड रुपये है। इन योजनाओं में बॉटेनिकल गार्डन मैट्रो स्टेशन से सेक्टर 18 तक ऐलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण, विश्व भारतीय पब्लिक स्कूल से शॉप्रिक्स मॉल तक ऐलिवेटेड रोड का निर्माण, मेट्रो स्टेशन परिसर सेक्टर 38ए में मल्टीलेवल कार पार्किग व व्यवसायिक परिसर का निर्माण है। मुख्यमंत्री ने सेक्टर 30 में सुपर स्पेशियालिटी बाल चिकित्सालय एवं पोस्ट ग्रेजुएट संस्थान के निर्माण व यमुना नदी पर ओखला पुल के समानान्तर अतिरिक्त पुल के निर्माण का शिलान्यास किया। उन्होंने इसके अलावा जिन योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्या किया उनमें सेकटर 105 में वृद्धाश्रम,अनाथालय,दादा-दादी पार्क का निर्माण, सेक्टर 117,118,122 आदि में समाजवादी आवास योजना के तहत 2000 आवासों का निर्माण, नोएडा स्टेडियम सेक्टर 21 ए में 4000 दर्शकों के इन्डोर स्टेडियम शूटिंग रेंज का निर्माण कार्य, सेक्टर 33 में शिल्प हाट व बुनकर भवन का निर्माण, सेक्टर 96 में नोएडा प्राधिकरण के प्रशासनिक भवन का निर्माण, एमपी-1 मार्ग पर सेक्टर 10 से सेक्टर 56 तक ऐलिवेटेड रोड का निर्माण, 37.50 क्यूसेक अतिरिक्त गंगा जल परियोजना, सेक्टर 94 में कमान्ड कन्ट्रेल सेन्टर बिल्डिंग का निर्माण, सेक्टर 82 में सिटी बस टर्मिनल का विकास कराया जाएगा। मुख्यमंत्री द्वारा शुभारंभ की गई अन्य योजनाओं में सेक्टर 108 में ट्रैफिक पार्क का विकास, सेक्टर 91 में 29 एकड़ भूमि पर शहीद भगत सिंह पार्क का निर्माण, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे पर हाइवे ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की योजना और दस फुट ओवरब्रिज एवं सिंचाई नाले पर 6 पुलों के निर्माण शामिल है।
 मुख्यमंत्री ने नोएडा,ग्रेटर नोएडा की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए चौबीसों घंटे के लिए सभी परिसरों में सीसीटीवी की व्यवस्था करने की योजना का शुभारंभ किया। 

आधे से अधिक असलहों के लाइसेंस हो जाएंगे निरस्त!

एक अक्टूबर तक हो जाएगा शस्त्र लाइसेंस चेक करने वाला प्रोग्राम लॉक
नई दिल्ली। अब देश भर में कहीं से भी जारी किए गए असलहे ऑनलाइन हो जाएंगे। हर जिले में आबादी के लगभग दस प्रतिशत शस्त्रों के लाइसेंस तो जारी कर दिए गएए पर आज तक यह नहीं पता लगाया जा सका कि सक्रिय कितने हैं और निष्क्रिय कितने। साथ ही यह भी कि कितने फर्जी हैं और कितने असली, अब एक क्लिक में खुल जाएगा खेल। जाहिर है, देश में आधे से अधिक लाइसेंस निरस्त हो जाएंगे।
दरअसल, आजादी के बाद से ताबड़तोड़ जारी हुए लाइसेंसों की ऑनलाइन पड़ताल की कवायद हुई है। इसके लिए एक कंप्यूटर प्रोग्राम शुरू किया गया है जिसका नाम है.नेशनल डेटाबेस ऑफ आम्र्स लाइसेंस एनडीएएल। इसके तहत 1 अक्टूूबर 2012 से जिन लाइसेंसों का नवीनीकरण हुआ है उनका डेटा कंप्यूटर में फीड किया जा रहा है। ठीक 1 अक्टूबर 2015 को यह प्रोग्राम लॉक कर दिया जाएगा। इसकी वजह यह है कि तीन साल के भीतर हर जगह लाइसेंसों का नवीनीकरण करा लेने का नियम है। इस अवधि में यह भी साफ हो जाएगा कि नवीनीकरण कराने के लिए कितने लोग आए। यानि, कितने लाइसेंस क्रियाशील हैं। जितने बचेंगे उन्हें अवैध घोषित करते हुए डिलीट कर दिया जाएगा। अपने आप उनका वजूद खत्म हो जाएगा।जिनके पास फर्जी लाइसेंस हैं, वे नवीनीकरण कराने पहुंचेंगे ही नहीं या पहुंचे भी तो पकड़ लिए जाएंगे। इस दायरे में वे भी होंगे जिन्होंने लाइसेंस कहीं और से किसी तरह हासिल किया और मौजूदा समय में दूसरे राज्यों में निवास कर रहे हैं। उन्हें संबंधित जिले के डीएम का प्रमाण पत्र सरकारी स्तर से भिजवाना पड़ेगा कि लाइसेंस की जरूरत है या नहीं। साथ ही यह भी दर्शाना होगा कि उन्हें लाइसेंस की आवश्यकता है या नहीं। डाक की जगह सीधे लेकर अनुमति पहुंचे तो भी मान्य नहीं होंगे।

Friday, 2 January 2015

आपके लिए कैसा रहेगा 2015

कैसा रहेगा आपके लिए नया साल। बता रहे हैं हमारे भविष्यफल 2015 के हाल चाल। इसकी सहायता से आप आने वाले समय के लिए न केवल सचेत रहेंगे,बल्कि सफलता और समृद्धि के सूत्र भी जान सकेंगे।  प्रत्येक राशि के लिए कैसा होगा आने वाला प्रत्येक मास, भविष्यफल  के  माध्यम से यह बताने का प्रयास किया जा रहा है। वैसे यह प्रयास होता है कि राशिफल के माध्यम से अत्यधिक महत्वपूर्ण बातों को सटीकता के साथ बताया जाये।  पाठकों से अनुरोध है कि यदि कोई विशेष परिस्थिति हो या कोई विशेष कार्य करने जा रहे हों तो विशेष परामर्श अवश्य लें। हालांकि भविष्यफल एकसाथ ही 12 माह का दिया जाता है लेकिन पाठकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हमने सभी राशियों के आने वाले वर्ष में राशि के प्रभाव, बचाव व उपाय के बारे में जानकारी देने की कोशिश की है। इसके बाद अगले अंकों में प्रत्येक राशि के 12 माह के भविष्यफल की जानकारी क्रमश: लगातार दी जाएगी।

मेष :पूरे वर्ष पर्यन्त शनि आपके अष्टम भाव में रहेंगे साथ ही शनि की ढैया भी रहेगी। अत: स्वास्थ्य के प्रति अत्यधिक सतर्क रहें।  यदि उच्च रक्त चाप या दिल के मरीज़ हैं तो अत्यधिक सावधानी बरतें। विपरीत समय में अचानक भारी हानि हो सकती है। विशेषकर यदि शनि या राहु की दशा,अन्तर्दशा चल रही हो तो बहुत सावधानी अपेक्षित है।
विशेष:शनि की साढ़े साती की ढैया रहेगी। नकारात्मक पक्ष:स्वाथ्य।
सकारात्मक पक्ष: भाग्य और मनोबल। लकी नंबर: 5 और 9
सावधानी: जब-जब चन्द्रमा वृश्चिक राशि पर आये स्वास्थ्य और दुर्घटना के प्रति सचेत रहें। उपाय: शनि और शिव की उपासना करें। बचें़:रंग - नीले, काले और हरा। यात्रा - दक्षिण। आहार - उड़द, बैंगन और फूल गोभी। संगत: व्यसन करने वालों से।
 वृषभ: इस राशि के जातकों के लिए शिक्षा, संतान और धन के मामले में अत्यधिक सावधानी की आवश्यकता है। राहु का उपाय करें और विष्णु सहस्त्रनाम का जाप करें इससे परेशानियों में कमी आएगी।
विशेष: लकी नंबर: 6 और 10 । सावधानी: गहरे पानी, आग और बिजली के उपकरणों से सावधान रहें। उपाय: राहु शांति और विष्णु की उपासना करें। बचें: रंग ,लाल और पीला। यात्रा: उत्तर। आहार: चावल, दही और ठंडी वस्तुएँ। संगत :अधीनस्थ कर्मचारियों और सेवकों से।
मिथुन :पूरे वर्ष शनि आपके छठे भाव में अपने परम शत्रु मंगल की वृश्चिक राशि में रहेंगे ।  धन के लिए यह स्थिति अच्छी नहीं है । कज़ऱ् लेंगे तो जल्दी चुकता नहीं होगा और अचानक हानि होने की सम्भावना बनेगी । अत: शनि देव की शांति हेतु उनके मंत्र का जप तथा भगवान शिव की नियमित आराधना इस प्रभाव को कम करने में सहायक होगी ।यदि किसी को धन की अधिक समस्या हो तो प्रत्येक शनिवार को सरसों का तेल लगाकर स्नान करें।
विशेष: लकी नंबर: 7 और 11 । सावधानी: चन्द्रमा जब भी चतुर्थ भाव में आएँ।   उपाय:शनि सम्बन्धी दान और माँ दुर्गा की उपासना। बचें:रंग , लाल। यात्रा:पूर्व-दक्षिण। आहार:. खट्टी वस्तुओं से। संगत:मित्रता दिखाने वाले से।
कर्क : कर्क लग्न के जातकों के लिए पूरे वर्ष राहू तृतीय भाव में और केतु नवम भाव में रहेंगे। अत: भाग्य में अचानक उतार-चढ़ाव संभव है। कई बार भाग्य अचानक धोखा दे सकता है।
निरंतरता बनाये रखने के लिए भगवान गणेश का नियमित ध्यान और पूजा करें। साथ ही राहू के कारण बुद्धि को नकारात्मकता की ओर जाने से बचाने के लिए पक्षियों को दाना तथा गाय को हरा चारा खिलाना श्रेयस्कर रहेगा।
विशेष: लकी नंबर: 8 और 12 । सावधानी: अमावस्या या शनिवार को गहरे पानी और वीरान जगह पर अकेले ना जायें। उपाय: केतु सम्बन्धी दान, भगवान गणेश की उपासना।
बचें़: रंग- काला और नीला। यात्रा-पश्चिम व  दक्षिण। आहार : ठंडी वस्तुओं से। संगत: मित्र और किसी करीबी रिश्तेदार से सावधान रहें।
सिंह :सिंह लग्न वालों के लिए पूरे वर्ष पर्यन्त राहु दूसरे भाव में,केतु अष्टम में तथा शनि चौथे भाव में रहेंगे। प्रारम्भ के लगभग 7 माह गुरु भी द्वादश में रहेंगे। कुल मिलाकर धन की समस्या, स्वास्थ्य की समस्या,धन हानि, घटना- दुर्घटना का योग लगभग पूरे वर्ष बना रहेगा। वैसे आपके जन्म समय के ग्रहों तथा वर्तमान दशा-अन्तर्दशा का बहुत असर होता है, फिर भी आप बहुत सावधानी बरतें। समस्याओं से बचने के लिए उपाय आवश्यक हैं। प्रयास करें कि उपाय वर्ष के प्रारम्भ से ही करें इन सब बातों को ध्यान में रखकर, कुछ अदभुत उपचार नीचे दिए जा रहे हैं। जिन्हे पूरे संयम,श्रद्धा और नियम से करें। अवश्य लाभ होगा।1.सूर्य को अघ्र्य अर्पित करें और कम से कम एक बार आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ नियमित रूप से प्रात: करें 2.नए वर्ष के प्रारम्भ में ही रुद्राभिषेक करें और यदि संभव हो तो प्रत्येक मास की शिवरात्रि को प्रदोष बेला में पूरे वर्ष करें,हर माह संभव ना हो सके तो कम से कम हर 3 महीने में एक बार ज़रूर करें। 3.अपने से कमज़ोर लोगों की जितनी हो सके मदद करें। 4.क्रोध पर नियंत्रण रखने के लिए नियमित प्राणायाम करें और अपने को चुस्त- दुरुस्त रखें।
 विशेष: शनि साढ़े साती ढैया: ढैया रहेगी। नकारात्मक पक्ष: वाणी तर्क और अहंकार। सकारात्मक पक्ष: निडरता और दृढ़ इच्छा शक्ति। लकी नंबर: 1 और 9 । सावधानी: जिस माह सूर्य मीन राशि में हों। उपाय:केतु सम्बन्धी दान, भगवान गणेश की उपासना, आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ। बचें: रंग- काला, हरा और नीला। यात्रा -दक्षिण व  पश्चिम। आहार: गरिष्ठ और खट्टी वस्तुओं के सेवन से। संगत .: अपने से उम्र में बड़ी महिला या पुरुष से।
कन्या : कन्या राशि वाले इस वर्ष साढ़े साती से पूरी तरह से मुक्त हैं। परन्तु लग्न में राहु और सप्तम भाव में केतु का गोचर पूरे वर्ष रहेगा। साथ ही लगभग आधे वर्ष के बाद गुरु भी द्वादश भाव में आ जाएंगे। परिणाम स्वरुप मन अनियंत्रित, क्रोध,अनिश्चितता, व्यापार में हानि और सबसे अधिक वैवाहिक जीवन में कठिनाई नजऱ आ रही है। यदि किसी विपरीत ग्रह की दशा-अन्तर्दशा चल रही हो या कुंडली में कालसर्प योग प्रथम और सप्तम भाव से हो तो परेशानियों में वृद्धि हो सकती है। कुछ अचूक उपाय दिए जा रहे हैं जिसे नए वर्ष के प्रारम्भ से ही करें:-
1. शरीर पर राहु के प्रभाव से सबसे अधिक प्रभाव निर्णय लेने की क्षमता पड़ता है। अत: बुध की शांति के लिए ऊं बुं बुधाय नम:  मंत्र का 16000 जप किसी बुधवार को अच्छे योग में करें।
2.राहु की दशा या अंतर दशा हो तो राहु के लिए ऊं रां राहवे नम: मंत्र का जप 18000 बार करें। जप किसी शनिवार को अच्छे योग में करें तथा राहु सम्बन्धी दान, काला कपड़ा, तिल, सरसों का तेल,लोहे या स्टील के बर्तन इत्यादि अपने सेवकों को दें। प्रयास करें कि आपके सेवक आपसे प्रसन्न रहें।
3.परेशानियाँ ज़्यादा हों जैसे कालसर्प योग भी बन रहा हो तो ऊपर के उपाय के बजाय सिर्फ  रुद्राभिषेक का सहारा ले, यदि प्रत्येक माह कर सकें तो अदभुत लाभ होगा।
4. वैवाहिक परेशानियाँ यदि अनियंत्रित हो रही हों तो माँ कात्यायनी का अनुष्ठान किसी योग्य विद्वान से सही योग में कराएँ।
 विशेष: लकी नंबर: 2 और 10 । सावधानी:जीवन साथी से रिश्ते को लेकर।
उपाय: केतु और शनि सम्बन्धी दा, माँ कात्यायनी की उपासना।
परहेज़: रंग- लाल। यात्रा- पूर्व। आहार -तैलीय और खट्टी वस्तुओं के सेवन से। संगत -अति उत्साही और व्यसन करने वालों से।
तुला: तुला राशि के जातकों के लिए शनि की साढ़े साती का अंतिम चरण का पहला पक्ष रहेगा। अत: कुछ राहत महसूस करेंगे, कज़ऱ् और शत्रुओं से मुक्ति मिलने लगेगी फिर भी आय अभी उस गति से नहीं होगी जैसी अपेक्षित है। चोट.चपेट की सम्भावना रहेगी। ऐसे में भगवान शिव की उपासना और योग ध्यान का सहारा लें।
शनि साढ़े साती ढैया: साढ़े साती का अंतिम दौर रहेगा। नकारात्मक पक्ष: स्वास्थ्य।सकारात्मक पक्ष:परक्रम और निर्णय की क्षमता।
1 रुद्राभिषेक। 2. रुद्रगायत्री जपें तत्पुरुषाय विद्मह, महादेवाय धीम, तन्नो रुद्र: प्रचोदयात !! नियमित जप अत्यंत लाभकारी होगा। 3. रुद्राक्ष की माला धारण करें। 4. धन की समस्या यदि अधिक हो तो शनिवार को सायं काल सरसों का तेल पहले लगाएं फिर स्नान करें
विशेष: लकी नंबर: 3 और 11 । सावधानी: ऊँचे स्थान और कमर के निचले हिस्से को लेकर।
उपाय: शनि सम्बन्धी दान, शिव उपासना। परहेज: रंग- पीला और लाल। यात्रा -उत्तर व पूर्व। आहार .-खट्टी और मीठी वस्तुओं के सेवन से। संगत- पराई स्त्री,पर पुरुष और अपने सेवकों से।
वृश्चिक: राशिफल 2015 के अनुसार वर्ष का प्रारम्भ अच्छा होगा, भाग्य पक्ष बहुत मजबूत रहेगा। परक्रम, कार्य करने की क्षमता और इच्छा शक्ति बहुत तीव्र रहेगी।
विशेष: शनि साढ़े साती ढैया: साढ़े साती का मध्य दौर रहेगा।
नकारात्मक पक्ष: क्रोध, वाणी, अनिर्णय और स्वास्थ्य। सकारात्मक पक्ष: विपरीत परिस्थितियों से निकलने की क्षमता। लकी नंबर: 4
सावधानी: वाहन चलाते समय सतर्क रहें। उपाय: शनि और केतु सम्बन्धी दान, शनि और शिव उपासना। बचें: रंग -नीला और काला। यात्रा -पश्चिम .दक्षिण। आहार -खट्टी और तीखी वस्तुओं के सेवन से। संगत -नीच कर्म और व्यसन करने वालों से।
धनु: धनु राशिफल 2015 के अनुसार वर्ष का प्रारम्भ धन के मामले में बहुत अच्छा जायेगा। धन एक से अधिक स्रोतों द्वारा आएगा जिसके कारण आर्थिक स्थिति मज़बूत होगी। राजनैतिक क्षेत्र में प्रभाव रहेगा।
विशेष:शनि साढ़े साती ढैया:साढ़े साती का प्रथम पक्ष प्रारम्भ। नकारात्मक पक्ष: उतावलापन और दूसरों पर अत्यधिक भरोसा।
सकारात्मक पक्ष: ईमानदारी और निरंतरता। लकी नंबर: 1 और 5 । सावधानी: शत्रुओं और पानी से।
 उपाय: गुरु और शनि सम्बन्धी दान, गुरु, सूर्य और विष्णु की उपासना।
बचें: रंग - सफेद और काले रंग से। यात्रा- दक्षिण व पूर्व। आहार: मीठी और पीली वस्तुओं के सेवन से। संगत: अपने से बड़े परिवार के सदस्य से।
मकर: 2015 के अनुसार बहुत ही अच्छा समय है। मान-सम्मान खूब मिलेगा। व्यापार में वृद्धि होगी। नौकरीपेशा लोगों के लिए तरक्की के अवसर मिलेंगे। सामाजिक और राजनैतिक क्षेत्र से जुड़े लोंगो के लिए बहुत अच्छे अवसर आयेंगे और उच्च पद की भी प्राप्ति हो सकती है। मकर 2015 राशिफल कह रहा है कि आपका पराक्रम बहुत बढ़ा रहेगा।
 विशेष: लकी नंबर: 6 । सावधानी: व्यसन से।
 उपाय गुरु और राहु सम्बन्धी दान, राहु की शांति और शिव उपासना।
बचें: रंग -पीले और लाल रंग से। यात्रा -उत्तर  व पूर्व। आहार- मीठी गरिष्ठ वस्तुओं के सेवन से। संगत- अपने सेवादारों से।
कुम्भ: 2015 राशिफल कह रहा है कि अपनी सेहत का विशेष खय़ाल रखें।  खर्च की अधिकता रहेगी। किसी वाद-विवाद के कारण या किसी नुकसान के कारण धन अधिक खर्च होने की सम्भवना बन रही है। किसी करीबी से धोखा मिल सकता है।  कुम्भ राशिफल 2015 की सलाह है कि आँख बंद करके किसी पर विश्वास ना करें। अपना धन किसी को उधार ना दें या अगर किसी विषम परिस्थिति में देना पड़े तो उसे जल्दी वापस मिलने की उम्मीद ना रखें।
विशेष: लकी नंबर: 3 ।  सावधानी: जब- जब चन्द्रमा आपके दूसरे और अष्टम भाव में आयेए विशेष कर पूर्णिमा को।
उपाय:अर्गला स्तोत्र कवच का नियमित पाठ और शिव उपासना।
बचे: रंग - लाल, सिंदूरी और गुलाबी रंग से। यात्रा -उत्तर। आहार -मीठी गरिष्ठ वस्तुओं और रात में दूध के सेवन से। संगत -अपने कऱीबी।
मीन: राशिफल 2015 के अनुसार धन और शिक्षा के मामलों में यह बहुत ही प्रभावशाली माह रहेगा। व्यापार के क्षेत्र में कार्य करने वालों के लिए बहुत ही अच्छा समय है। भविष्यफल 2015 के मुताबिक धन एक से अधिक स्रोतों से आएगा। शिक्षा -प्रतियोगिता में सफलता का अच्छा योग है। समाज में मान . प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
विशेष: लकी नंबर: 4। सावधानी: जीवनसाथी से सम्बन्ध को लेकर। राशिफल 2015 के उपाय: राहु की शांति और दान तथा विष्णु सहस्त्र नाम का जप।
बचें: रंग - भूरे और काले रंग से।यात्रा -दक्षिण  व पश्चिम। आहार- पीली और मीठी वस्तुओं से। संगत - नए स्त्री या पुरुष के साथ संबंधों से।

Sunday, 12 October 2014

सच्ची लगन से मिलती है कामयाबी : नागर

कैलाश सत्यार्थी और मलाला यूसुफ जई को मिले संयुक्त रूप से नोबेल शांति पुरस्कार पर प्रधानाचार्य तेजपाल सिंह नागर की प्रतिक्रिया
गे्रटर नोएडा (ब्यूरो)। अधिकांश लोगों की यह आदत होती है कि अपनी किसी परेशानी के लिए वे खुद को जिम्मेदार नहीं मानते हैं बल्कि परिस्थितियों या दूसरे लोगों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हैं। सच तो यही है कि अपनी असफलता के लिए दूसरों को दोषी मानन या तर्क विर्क करना बेमानी है, इससे हमारा ध्यान लक्ष्य से भटकता है और हमारी सोच सकारात्मक नहीं रह पाती है।
यह विचार श्रीसंत विनोबा इंटर कालेज बैदपुरा के प्रधानाचार्य तेजपाल सिंह नागर ने श्री कैलाश सत्यार्थी और पाकिस्तान की बालिका सुश्री मलाला यूसुफ जई को मिले संयुक्त रूप से नोबेल पुरस्कार पर अपनी प्रतिक्रिया के रूप में व्यक्त किए हैं।
सफलता के आंकलन के लिए श्री नागर का कहना है कि अपनी योग्यता पर भरोसा रखें और उसे तराशने के लिए प्रयत्नशील रहें,ताकि आप अपनी शारीरिक,मानसिक, सामाजिक, आर्थिक अथवा व्यावसायिक सफलता को प्राप्त कर सकें। उनका मानना है कि यहद आप को जीवन में सफलता चाहिए तो अपनी कुशलता को निखारने का जोखिम लेते रहना होगा। इस बारे में श्री नागर का कहना है कि जीवन में हम हर पल जोखिम उठाते ही रहते हैं, रेल हो या सड़क मार्ग पर यात्रा करते वक्त  क्या हम रिस्क नहीं लेते तो क्या हम यात्रा करना बंद कर देते हैं। खेलने-खाने से लेकर जीवन के हर कम में रिस्क है,कही थोड़ा कम तो कहीं ज्यादा। इसी तरह परीक्षाओं में लाखों विद्यार्थी शामिल होते हें जबकि सफलता कुछ को ही मिलती है,तो क्या हम परीक्षा में शामिल होना बंद कर देते हैं? ऐसा नहीं बल्कि वास्तव में हमें किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल करनी होती है तो हमें रिस्क लेना ही होता है और इससे ही लाभ मिलता है। इसके साथ ही श्री नागर ने अपने विचार में कहा कि यदि जीवन में कुछ कर दिखाना हो तो कंफर्ट जोन से बाहर ही आना होगा और अपने सामान्य रूटीन में बदलाव करना होगा तभी कुछ हासिल होगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जब कोई वस्तु खरीदते हैं तो उसके लिए कीमत चुकानी होती है। इसी तरह लक्ष्य तक पहुंचने के लिए आपको मेहनत,प्रयास और रिस्क के रूप में कीमत चुकानी पड़ती है। सफलता प्राप्त करने के लिए आपको अपनी रणनीति बनानी होगी, उसके अनुसार काम करन होगा। विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानने का दृढ़ निश्चय करना होगा। उन्होंने बताया कि विश्व में जितने भी महान लोग हुए हैं, उनके जीवन दर्शन में हमें यही दिखाई देता है।

ठेकेदारों पर टीडीएस कटने के संबंध में नियम

कोई भी निवासी ठेकेदार, कोई काम करे या किसी काम के लिए या श्रम की पूर्ति करने के लिए प्रतिफल में किए गए भुगतानों के संबंध में आय करें तो टीडीएस की कटौती उदगम स्थान करनी चाहिए।
1. जब किसी ठेकेदार द्वाराएक बार में 30,000 रुपये से अधिक का बिल दिए जाने पर भुगतान करते समय टीडीएस काटना चाहिए।
2. ठेकेदार यदि इन्डीविजुअल या एचयूएफ है तो 1 प्रतिशत टीडीएस काटा जाए।
3. यदि ठेकेदार कोई पार्टनरशिप फर्म,कंपनी,समिति,प्राइवेट कंपनी आदि के माध्यम से कार्य करता है तो भुगतान करते समय 2 प्रतिशत टीडीएस काटने के पश्चात शेष राशि का चैक अथवा ऑन लाइन पेमेन्ट करनी चाहिए।
4. एक वर्ष में ठेकेदार के सभी बिलों को जोड़कर 75,000 रुपये से कम होने पर टीडीएस नहीं काटा जाए। अर्थात एक बिल 30,000 रुपये से अधिक अथवा सभी बिलों का योग 75,000 रुपये से अधिक होने पर ही 1 प्रतिशत इंन्डीविजुअल ठेकेदार अथवा अन्य के केस में 2 प्रतिशत टीडीएस काटा जाए।
आयकर अधिनियिम की 1961 की धारा 197 (1) में टीडीएस की दर कम करने का प्रावधान है बशर्ते कर निर्धारण अधिकारी आपके कर अदायगी को लेकर संतुष्ट हो।
ठेकेदार अपना पैन नंबर कर काटने वाले व्यक्ति को बताना चाहिए। यदि ठेकेदार अपने पैन नंबर को नहीं बताता है तो टीडीएस 20 प्रतिशत तक काटा जा सकता है। बैंक द्वारा दिए गए ब्याज पर टीडीएस काटने के संबंध में नियम: यदि आपके खाते में जमा रकम पर ब्याज की रकम 10,000 रुपये से अधिक होती है तो ऐसी परिस्थिति में बैँक ब्याज की राशि का 10 प्रतिशत टीडीएस काट लेगा।
यदि आपको अपने ब्याज पर 10 प्रतिशत टीडीएस की राशि काटने से बचाने के लिए बैँक में एक फर्म 15 जी जमा करना होगा।
अन्यथा बैँक आपके ब्याज में से 10 प्रतिश और 10 प्रतिशत का तीन प्रतिशत हिस्सा काट कर शेष राशि को आपके खाते में दिखाएगा।
Atul Sharma, ICA, M.com. Surajpur, Gr. Noida

आईटीएस कालेज में पॉवर सेक्टर पर लेक्चर आयोजित

ग्रेटर नोएडा। आईटीएस इंजीनियरिंग कालेज के इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक विभाग ने वास्टनेस एण्ड अपार्टुनिटी इन पॉवर सेक्टर इन करेन्ट सेनेरियो पर एक लेक्चर कराया। इस भाषणमाला के मुख्य वक्ता सीईआरसी दिल्ली के डिप्टी चीफ इंजीनियरिंग श्री विक्रम सिंह थे।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि ईईई विभाग के निदेशक व विभागाध्यक्ष ने की। इसके साथ मुख्य अतिथि के जीवन के बारे में बताया गया। श्री विक्रम सिंह सेन्ट्रल इलेक्ट्रिकल रेगुलेटरी कमीशन में डिप्टी चीफ इंजीनियरिंग पद पर कार्यरत हैं। वह सेंट्रल पॉवर इंजीनियरिंग सर्विस कैडर आफिसर हैं। श्री विक्रम ने अपनी मास्टर डिग्री इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में की और वह दिल्ली विश्वविद्यालय से एमबीए हैं। श्री सिंह इनर्जी मैनेजमेंट एण्ड प्लानिंग ट्रेंड हैं। इस समय उनका कार्य डिटरमिनेशन ऑफ टैरिफ आफ द आईएसटीएस ओपन ऐसस को संभालना, आईएसटीएस से जुड़ाव,ग्रिड कोड,प्वाइंट आफ कनेक्शन एण्ड कंजेशन मैनेजमेंट से संबंधित कार्य है।
कार्यक्रम में उन्होंने प्रशंसाजनक लेक्चर दिया। ऊर्जा को ट्रांसमिट, उत्पन्न एवं वितरण का अवसर बताया। उसके बाद उन्होंने बताया कि कैसे हम प्लान करके विभिन्न प्रकार की ऊर्जा को अपनी जरूरत के लिए प्रयोग कर सकते हैं।
उनका मुख्य उददेश्य छात्रों को इस विभाग के बारे में विस्तृत जानकारी देना था। अंत में विभागाध्यक्ष ने छात्रों व संकाय सदस्यों का आभार जताया। ईईई विभाग के आईएन राव और पियूष चौबे ने भी कार्यक्रम में अपना अमूल्य सहयोग दिया।

हर सांसद तीन गांवों में बुनियादी ढांचा अवश्य विकसित कराएगा

प्रधानमंत्री ने किया सांसद आदर्श ग्राम योजना का शुभारंभ, 2016 तक सांसद एक गांव का कल्याण करेगा
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'सांसद आदर्श ग्राम योजना (एसएजीवाई)Ó नामक महत्वाकांक्षी ग्राम विकास परियोजना का शुभारंभ किया जिसके तहत हर सांसद पर वर्ष 2019 तक तीन गांवों में बुनियादी एवं संस्थागत ढांचा विकसित करने की जिम्मेदारी होगी। योजना का शुभारंभ करते हुए उन्होंने कहा कि इसके तहत यह लक्ष्य रखा गया है कि 2016 तक प्रत्येक सांसद की अगुवाई में एक गांव का विकास किया जाए। लोक नायक जयप्रकाश नारायण की जयंती के अवसर पर इस परियोजना का शुभारंभ करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य गांवों में रहने वाले लोगों को उन्नत बुनियादी सुविधाएं और बेहतर अवसर मुहैया कराना है। उन्होंने कहा, ''हम लगभग 800 सांसद हैं (दोनों सदनों को मिलाकर)। अगर हममें से प्रत्येक 2019 से पहले एक गांव का विकास करता है, हम तकरीबन 2500 गांव तक ऐसा कर सकेंगे। अगर इस योजना की रोशनी में राज्य भी अपने विधायकों के लिए ऐसी योजना बनाते हैं तो इसमें छह से सात हजार गांव और जुड़ सकते हैं।ÓÓ
उनके अनुसार अगर एक ब्लाक में एक गांव विकसित होता है तो इसका असर 'वाइरलÓ की तरह फैलेगा और विकास की ललक अन्य गांवों को भी आकर्षित करेगी। उन्होंने कहा इस योजना को लचीला रखा गया है और सांसद को किसी भी गांव को चुनने की आजादी होगी। लेकिन एक शर्त यह है कि यह गांव उसका या उसकी ससुराल का नहीं होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा, ''मुझे भी वाराणसी में एक गांव चुनना है।ÓÓ उन्होंने कहा कि इस संबंध में वह वहां जाकर चर्चा करेंगे और गांव को चुनेंगे। उन्होंने कहा, इस योजना के जरिए ऐसा माहौल बनाया जाना चाहिए जिससे कि हर व्यक्ति अपने गांव के लिए गर्व महसूस करे।

Sunday, 5 October 2014

देश में गौ हत्या होना शर्मिंदगी की बात:महेेन्द्र कुंमार आर्य

प्रधानमंत्री ने मांग नहीं मानी तो भड़क सकता है आंदोलन, आर्यसमाजके नेताओं ने जताई आशंका
नई दिल्ली (ब्यूरो)। गौ हत्या पर प्रतिबंध लगाने का कानून जल्द नहीं बना तो बड़ा आंदोलन हो सकता है, जिसे सरकार के लिए संभाल पाना मुश्किल होगा।
जंतर-मंतर पर गुरुवार को आयैसमाज के तत्वावधान में अखिल भारतीय राज्यार्य सभा द्वारा गौ माता व राष्ट्र भाषा हिन्दी की रक्षा के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाने के लिए आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए आर्य समाज और राज्यार्य सभा के वक्ताओं ने केन्द्र सरकार को चेतावनी दी।
हवन पूजन के बाद शुरू हुए सम्मेलन को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय राज्यार्य सभा के महामंत्री महेन्द्र सिंह आर्य ने कहा कि गौ हत्या के लिए सिर्फ एक वधिक ही दोषी नहीं होता है, इसके लिए वह आठ व्यक्ति बराबर के पाप के भागीदार हैं जो गाय को मारने की सलाह देते हों, मांस के काटने वाले, पशु आदि को मारने वाले,पशुओं को कसाइयों के हाथ बेचे जाने वाले, मांस के पकाने वाले, मांस को परोसने वाले और मांस को खाने वाले। उन्होंने कहा कि गौ आदि पशुओं के नाश होने से राजा और प्रजा दोनो का नाश हो जाता है क्योंकि जब पशु न्यून होते हैं तब दूध आदि पदार्थ तथा खेली आदि के कार्यों में कमी आती है, इससे सारी व्यवस्था गड़बड़ा जाती है।
आर्य नेता अनिल आर्य ने कहा कि हमारा देश दूध-पनीर बेचने में नहीं बल्कि मांस बेचने मे अव्वल है, यह बड़ी शर्मिंदगी की बात है। उन्होंने कहा कि नवंबर 1966 में करपात्री जी और शंकराचार्य जी के नेतृत्व में इसी जंतर-मंतर पर गौ हत्या पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर आंदोलन हुआ था और आज भी हम इसी जंतर मंतर पर हैं। उन्होंने कहा कि लगता है कि इस तरह से बात नहीं बनने वाली बल्कि इसके लिए हमें अपने सांसदों को घेरना होगा और उन पर दबाव बनाना होगा। उन्होंने कहा कि आर्य समाज के प्रतिनिधि अपने सांसदों को ज्ञापन लेकर उनसे यह आश्वासन लें कि वह संसद में गौ हत्या पर प्रतिबंध के लिए आवाज उठाएंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह से छह महीन के भीतर सभी 550 सांसदों पर दबाव बनाया जाए तो वो दिन दूर नहीं जब गौ हत्या पर प्रतिबंध का कानून बन सके। उन्होंने कहा कि हम लोग गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा पर सबसे पहले दबाव बनाना शुरू करें। इसी तरह हर क्षेत्र के सांसद को दबाव में लिया जाए। उन्होंने कहा कि गौ हत्या पर प्रतिबंध की मांग उठाना कोई सांप्रदायिक नहीं है, क्योंकि गाय का दूध तो हिंदू के बच्चे को ही नहीं चाहिए बल्कि  मुस्लिम, सिख और इसाई के बच्चे को भी दूध चाहिए। इसी कड़ी में सम्मेलन को संबोधित करते हुए करण सिंह आर्य ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मांग नहीं मानी गई तो व्यापक आंदोलन होगा जो सरकार के संभाले नहीं संभलेगा।
स्वामी दयानंद जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को हमारी मांगें सुननी होगी तभी गौ हत्या बंद हो सकेगी। फर्रुखाबाद से पधारे वीरेन्द्र वैद्य ने भी अपने विचार रखे। जयवीर नागर ने काफी जोशीला भाषण दिया। इस बीच मध्य प्रदेश के अनूपपुर से पधारी स्वामी जी ने कहा कि विनोवा भावे ने कहा था कि गौ हत्या बंद न हुई तो बगावत हो सकती है। उत्तराखण्ड से आए स्वामी श्री रामचंन्द्र मुनि ने कहा कि केवल गाय के दूध में ही तीनों तरह के गुण बलवर्धक, रोग नाशक और बुद्धिवर्धक होते हैं। जिस शिशु की माता किसी कारण से मर जाती है उसे गाय का दूध पिलाओं तो वह जीवित रहता है।  इसके बाद सूर्य पाल आर्य और दीपक आर्य ने भी उपस्थित लोगों को संबोधित किया।
सूरजपुर से आर्य समाज के प्रधान श्री महेन्द्र कुमार आर्य ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज हमें यह जानते हुए शर्मिंदगी महसूस हो रही है कि भारतवर्ष में गौ हत्याएं हो रहीं हैं। उन्होंने कहा कि नन्द शब्द का अर्थ बहुत ही महत्वपूर्ण है, नन्द शब्द उस व्यक्ति के नाम के आगे लगाया जाता था जिसके पास एक लाख गायें हों। श्री महेन्द्र कुमार आर्य ने कहा कि प्राचीन काल में 12 लाख मनुष्यों की आबादी पर 42 लाख गायें हुआ करतीं थीं, उस समय न तो कोई रोगी नहीं था सब बलिष्ठ होते थे और अर्थव्यवस्था भी ठीक थी। आज सात सौ वर्षों बाद देश में दस व्यक्तियों के बीच में भी एक गाय नहीं है।
उन्होंने कहा कि महाभारत काल के बाद से गायों की संख्या में निरंतर गिरावट आ रही है। महर्षि दयानंद ने गायों पर आठ पुस्तकें लिख कर लोगो को जागरुक किया था, उस समय गाय को समाज में पूज्य माना जाता था। उन्होंने बताया कि जिस शिशु की मां का किसी कारण से जन्म देने के बाद निधन हो जाता है तो उस बच्चे को गाय का दूध पिला कर जीवित रखा जाता है। यह गुण सिर्फ गाय के दूध में ही होता है।
गाजियाबाद से आर्य प्रतिनिधि सभा के उपाध्यक्ष श्रद्धानंद शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इसके बाद संयोजक और गौ कृष रक्षिणी सभा के अध्यक्ष संतराम प्रधान ने दिल्ली में गायों के पालने पर प्रतिबंध का उल्लेख किया और हाल ही में दिल्ली पुलिस द्वारा गौ तस्करों के खिलाफ कार्यवाही करने पर लापरवाही का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने गौ तस्करों से गायें मुक्त करवाई और गो तस्करों पर कार्यवाही करवाई।
 बताया कि आज भी वह 200 ऐसी गायें पाल रहे हैं जो इन तस्करों से छुड़ाई गई हैं और जो दूध भी नहीं देती हैं।  अंत में रक्षपाल देव ने गाय की रक्षा के सात सूत्रीय संकल्प लेने का आह्वान किया। सूरजपुर से सम्मेलन में भाग लेने के लिए आर्य समाज के प्रधान महेन्द्र कुमार आर्य के नेतृत्व में मास्टर हरिराज, मास्टर किताब सिंह, मास्टर ऋषिपाल, मास्टर पंकज आर्य, बनारस लोकेश आर्य, धर्मवीर आर्य, आचार्य जनमेजय शास्त्री और  महासय देवानंद आर्य भी शामिल थे।

जानकारी : टीडीएस के बारे में जानें

Atul Sharma, ICA,M.com
टीडीएस से अर्थ है उद्गम स्थान पर कर की कटौती। कोई व्यक्ति भुगतान करते समय निर्धारित दर से टैक्स काट ले तथा शेष रकम को प्राप्तकर्ता को देख कर काटी हुई रकम सरकारी आयकर विभाग में जमा करा दे।
इस प्रकार उद्गम स्थान पर कर की कटौती टीडीएस कहलाती है। आयकर अधिनियम 1961 में विभिन्न प्रकार के भुगतानों पर कर की कटौती भुगतान करते समय की जाती है। जिसमें अधिकांश प्रमुख कटौती का उल्लेख हम कर रहे हैं:-
1. वेतन (सेलरी)
2. इन्टरेस्ट ऑन सिक्योरिटीज
 3. ठेकेदार व उप ठेकेदार को किया गया भुगतान
4.इंश्योरेंस बीमा कमीशन
 5. कमीशन अथवा दलाली पर कर की कटौत
6. किराये के भुगतान के संबंध में
7.पेशेवर एवं तकनीकी सेवाओं की फीस पर कटौती
8. स्थायी सम्पत्ति के विक्रय पर कर की कटौती
9. बैँक ब्याज पर कर की कटौती
वेतन में से अधिक टीडीएस कंपनी द्वारा काटा जाना
उपरोक्त टीडीएस में से हम वेतनभोगियों की आय पर टीडीएस काटे जाने के सम्बन्ध मे आयकर अधिनियम की 1961 की धारा 192 के प्रवधान का उल्लेख कर रहे हैंं।
1.कर का आधार
यदि किसी इम्लाई की अनुमानित टैक्सेबल सैलरी एक्जम्पशन लिमिट (2,00,000) से अधिक है तथा टैक्स रिलीफ अंडर सेक्सन 89 को घटाने के बाद भी टैक्स देय है तो वेतन देने वाला इम्पलॉयर को वेतन भुगतान करने से पूर्व टीडीएस काट करके इन्कम टैक्स डिपार्टमेंट में चालान अथवा ऑन लाइन भुगतान के माध्यम से जमा कराए।
2.अधिकांशत: इम्पलॉयर औसत कर भुगतान के आधार पर कर की कटौती करते हैं।
3. कम्पनी अथवा इंटरप्राइजेज अपने कर्मचारियों के बीमा अथवा अन्य आय के सम्बन्ध में जानकारी लेकर उसके पश्चात उचित कर की कटौती करें।4. यदि आय से अधिक कर कटौती किए जाने पर वेतन कम मिलता है तथा बाद में रिफण्ड की राशि को प्राप्त करना सरल नहीं है।
टीडीएस शिड्यूल् आन सैलरी इम्पलाइज 1. कर्मचारी के वेतन संबंध में अनुमानित कर की गणना अधिकोश पेशेवर व्यक्त निम्र प्रकार से करते हैं। कर निर्धारण वर्ष 2014-15 के अनुसार 1. यदि कर्मचारी की आय दो लाख (2,00,000)सालाना से कम है तो उसके वेतन के 2,00,000 तक कोई टीडीएस नहीं काटा जाएगा।
2. यदि कर्मचारी की आय दो लाख (2,00,000) से अधिक किन्तु अगले तीन लाख (3,00,000) के मध्य में है तो टीडीएस दस प्रतिशत की दर से तथा टीएस पर एजूकेशन सेस तीन प्रतिशत लगाकर काटा जाता है। 3. यदि कुल आय (2,00,000+3, 00,000) पांच लाग है तो अगले पांच लाख की राशि तक 20 प्रतिशत टीडीएस तथा तीन प्रतिश टीडीएस पर एसएचईसी लगाया जाता है। 4. कुल आय  दस लाख (10,,00,000) से अधिकतम राशि पर 30 प्रतिशत की दर से तथा तीन प्रतिशत टीडीएस पर एसएचईसी लगाकर टीडीएस काटा जाता है।